वित्तीय विवरणों का विश्लेषण एवं निर्वचन Analysis and interpretation of financial analysis
Q. वित्तीय विश्लेषण से आप क्या समझते हैं? इसके क्या उद्देश्य हैं? यह कितने प्रकार का होता है? इसकी क्रियाविधि का वर्णन कीजिए।
Q.वित्तीय विश्लेषण की विभिन्न तकनीकों की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए
वित्तीय विश्लेषण का अर्थ
Meaning of financial analysis
किसी भी व्यापारी का अंतिम खाते तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य व्यापार की लाभ - हानि तथा आर्थिक स्थिति ज्ञात करना होता है। जिसके अंतर्गत वह व्यापार की लाभ - हानि ज्ञात करने के लिए लाभ - हानि खाता तथा आर्थिक स्थिति ज्ञात करने के लिए आर्थिक चिट्ठा बनाता है।
साधारण शब्दों में ," किसी भी व्यापारी द्वारा तैयार किए गए अंतिम खाते ही वित्तीय विवरण कहलाते हैं। जिसके अंतर्गत आर्थिक चिट्ठे तथा लाभ - हानि खाते को सम्मिलित किया जाता है।
साधारण शब्दों में ," वित्तीय विवरणों के विश्लेषण अर्थात वित्तीय विश्लेषण से आशय वित्तीय विवरण में दी गई सूचनाओं को किसी वैज्ञानिक विधि द्वारा सुविधाजनक अवयवों(elements )में वर्गीकृत करने से है जिससे कि इनका अर्थपूर्ण निष्कर्ष निकाला जा सके।
तथा निर्वाचन से आशय विश्लेषित वित्तीय व्यवहारों का निष्कर्ष निकालने से होता है।
वित्तीय विश्लेषण के उद्देश्य
objectives of financial analysis
वित्तीय विश्लेषण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है।
1. व्यवसाय की लाभ - हानि का ज्ञान प्राप्त करना - वित्तीय विश्लेषण का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण प्रमुख उद्देश्य किसी भी व्यवसाय की लाभ - हानि का ज्ञान प्राप्त करना होता है।
2.व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त करना- वित्तीय विश्लेषण का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण प्रमुख उद्देश्य किसी भी व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त करना होता है।
वित्तीय विश्लेषण के प्रकार
types of financial analysis
वित्तीय विश्लेषण निम्नलिखित प्रकार का होता है।
1.आन्तरिक विश्लेषण (internal analysis )- आन्तरिक विश्लेषण से आशय ऐसे विश्लेषण से है जो कि आन्तरिक व्यक्तियों (प्रबंधकों आदि ) के द्वारा किया जाता है ।
इस प्रकार का विश्लेषण प्रबंधकीय उद्देश्यों से किया जाता है।
2.बाह्रा विश्लेषण (external analysis )- बाह्रा विश्लेषण से आशय ऐसे विश्लेषण से है जो कि बाह्रा व्यक्तियों (बैंक आदि) के द्वारा किया जाता है ।
इस प्रकार का विश्लेषण वियोग तथा साख प्रदान करने के उद्देश्य से किया जाता है।
3.क्षैतिज विश्लेषण (horizontal analysis )- क्षैतिज विश्लेषण को अंग्रेजी में horizontal analysis कहते हैं। जिसे Dynamic analysis के नाम से भी जाना जाता है।
जब कई वर्षों के वित्तीय विवरणों का विश्लेषण किया जाता है तो इसे क्षैतिज विश्लेषण कहते हैं।
इसके अंतर्गत Trend ratio, Trend average, Graphs आदि का प्रयोग किया जाता है।
horizontal analysis is very useful for the long term financial planning.
4.लम्बवत विश्लेषण (vertical analysis )- लम्बवत विश्लेषण को अंग्रेजी में vertical analysis कहते हैं। जिसे static analysis तथा structural analysis के नाम से भी जाना जाता है।
जब एक वर्ष के वित्तीय विवरणों का विश्लेषण किया जाता है तो इसे लम्बवत विश्लेषण कहते हैं।
इसके अंतर्गत लाभ-हानि खाते तथा आर्थिक चिट्ठे आदि का प्रयोग किया जाता है।
Static analysis is not very useful for the long term financial planning.
क्योंकि आन्तरिक हो या बाह्रा विश्लेषण दो तरीके से हो सकता है।
वित्तीय विश्लेषण की क्रियाविधि
procedure of financial analysis
वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में विभक्त किया जा सकता है।
1.वित्तीय विश्लेषण का उद्देश्य निर्धारित करना(to fix the objective of financial analysis )- यह वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिसके अंतर्गत सबसे पहले वित्तीय विश्लेषण का उद्देश्य निर्धारित किया जाता है ।
यदि वित्तीय विश्लेषण का उद्देश्य केवल व्यवसाय की लाभ - हानि का ज्ञान प्राप्त करना होता है तो उसे दशा में केवल लाभ- हानि खाते का अध्ययन किया जाता है।
और यदि वित्तीय विश्लेषण का उद्देश्य व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त करना होता है तो उस दशा में आर्थिक चिट्ठे आदि का अध्ययन किया जाता है।
2.वित्तीय विवरण का विश्लेषण अर्थात अध्ययन करना (study of the financial statement)- यह वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है। जिसके अंतर्गत वित्तीय विश्लेषण का उद्देश्य निर्धारित करने के पश्चात वित्तीय विवरण का विश्लेषण अर्थात अध्ययन किया जाता है।
3.विश्लेषण का निर्वचन करना (interpretation of analysis)- यह वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है। जिसके अंतर्गत वित्तीय विवरणों का विश्लेषण अर्थात अध्ययन करने के पश्चात उनका निर्वचन किया जाता है।
4.प्रबंध को सूचित करना( reporting of the management)- यह वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है। जिसके अंतर्गत वित्तीय विवरण का विश्लेषण एवं उनका निर्वचन करने के पश्चात प्रबंध को सूचनाएं भेजी जाती हैं।
वित्तीय विश्लेषण के महत्व
importance of financial analysis
वित्तीय विश्लेषण के प्रमुख महत्व निम्नलिखित हैं।
1.प्रबंधक के लिए (for managers )- वित्तीय विश्लेषण के द्वारा प्रबंध अपनी नीतियों एवं निर्णय की प्रभावशीलता को माप सकता है।
2.विनियोजकों के लिए (for investors )- वित्तीय विश्लेषण के द्वारा विनियोजक व्यवसाय की लाभ - हानि तथा वित्तीय स्थिति आदि का ज्ञान प्राप्त कर सकता है।
3.ऋणदाताओं के लिए (for creditors)- वित्तीय विश्लेषण के द्वारा ऋणदाता कम्पनी की शोधन क्षमता आदि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकता है।
वित्तीय विश्लेषण की विधियां
methods of an financial analysis
वित्तीय विश्लेषण की प्रमुख विधियां निम्नलिखित है।
1.तुलनात्मक विवरण (comparative statement )- यह वित्तीय विश्लेषण की पहली तथा सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत निम्नलिखित को सम्मिलित किया जाता है।
लाभ-हानि का तुलनात्मक विवरण
आर्थिक चिट्ठे का तुलनात्मक विवरण
उत्पादन लागत का तुलनात्मक विवरण
2.प्रवृत्ति विश्लेषण (trend analysis )- यह वित्तीय विश्लेषण की दूसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत लाभ-हानि खाते तथा आर्थिक चिट्ठे की किसी मद के सम्बन्ध में उसकी प्रवृत्ति ज्ञात की जाती है।
3.अनुपात विश्लेषण (ratio analysis )- यह वित्तीय विश्लेषण की तीसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत वित्तीय विवरण की दो या से अधिक मदों के बीच अनुपात ज्ञात किया जाता है।
4.कोष प्रवाह विवरण (fund flow statement )- यह वित्तीय विश्लेषण की चौथी तथा सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत इस बात का विश्लेषण किया जाता है कि व्यवसाय में कोषों की प्राप्ति कहां-कहां से हुई है तथा इन कोषों का संस्था में किस प्रकार से प्रयोग किया गया है।
5.रोकड़ प्रवाह विवरण (cash flow statement)- यह वित्तीय विश्लेषण की पांचवी तथा सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत इस बात का विश्लेषण किया जाता है कि व्यवसाय में रोकड़ की प्राप्ति कहां-कहां से हुई है तथा इस रोकड़ का संस्था में किस प्रकार से प्रयोग किया गया है।
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