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Showing posts from May, 2026

Very short questions -2

 Q.बोर्स्टल संस्थाएँ Answer:-बोर्स्टल संस्थाओं आशय ऐसी संस्थाओं से है जहाँ कम आयु के अपराधियों को रखा जाता है, ताकि उन्हें दंड देने के बजाय सुधार कर समाज का अच्छा नागरिक बनाया जा सके। इस प्रणाली की शुरुआत इंग्लैंड के Borstal नामक स्थान से हुई थी, इसलिए इन्हें “बोर्स्टल संस्थाएँ”भी कहा जाता है। यहां कम आयु के अपराधियों से आशय ऐसे अपराधियों से है जिनकी उम्र सामान्यतः 15 से 21 वर्ष होती है। Q.खुली जेल व्यवस्था क्या है? Answer:-खुली जेल व्यवस्था से आशय ऐसी जेल व्यवस्था से है जहां कैदियों को सामान्य जेलों की अपेक्षा अधिक स्वतंत्रता दी जाती है।तथा इस प्रकार की जेलों में कैदियों को शिक्षा तथा प्रशिक्षण के माध्यम से सुधारने का प्रयास किया जाता है। भारत की पहली खुली जेल lukhnow में स्थापित की गई थी। तथा भारत में वर्तमान समय में कुल 91 खुली जेल हैं। Q.टार्डे का अनुकरण का सिद्धान्त Answer:-Tarde अपराधशास्त्र की समाजशास्त्रीय शाखा (Sociological School of Criminology) के समर्थक हैं। टार्डे के अनुकरण का सिद्धान्त को अंग्रेजी में Tarde's Theory of Imitation कहते हैं टार्डे का अनुकरण का सिद्धान्त ...

Very short questions

 प्रश्न1:- अपराधी कौन है? और यह कितने प्रकार के होते हैं? उत्तर: अपराधी का अर्थ अपराध एक अवैधानिक कृत्य तथा लोक दोष है। जिससे समाज को आघात पहुँचता है और विधान द्वारा दण्डनीय होता है। और ऐसा व्यक्ति जो कि अपराध करता है, अपराधी कहलाता है। अपराधियों का वर्गीकरण अपराधियों के वर्गीकरण के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों में भिन्न-भिन्न मतभेद रहे हैं। लेकिन कुछ प्रसिद्ध विद्वानों ने अपराधियों को निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत किया है: 1. लोमब्रोसो के अनुसार वर्गीकरण:लोमब्रोसो ने अपराधियों को निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत किया है: (i) जन्मजात अपराधी: ऐसे व्यक्ति जो जन्म से ही अपराधी होते हैं, जन्मजात अपराधी कहलाते हैं। (ii) पागल अपराधी: ऐसे व्यक्ति जो पागलपन के कारण अपराधी होते हैं, पागल अपराधी कहलाते हैं। (iii) आवेगयुक्त अपराधी: ऐसे व्यक्ति जो आवेग के कारण अपराध कर बैठते हैं, आवेगयुक्त अपराधी कहलाते हैं। प्रश्न 2: परिवीक्षा (Probation) किसे कहते हैं? उत्तर: परिवीक्षा को अंग्रेजी में (Probation) कहते हैं। जिसका अर्थ है— अपराधी को सजा के बदले शर्तसहित मुक्त कर देना। साधारण शब्दों में— परिवीक्ष...

मृत्युदण्ड

 Q. मृत्युदण्ड के पक्ष तथा विपक्ष में तर्क दीजिए ? क्या यह संवैधानिक है? Answer: मृत्यु दण्ड के तरीके मृत्यु दण्ड के विभिन्न तरीके निम्नलिखित हैं। 1.दम घोंटकर: इसमें अपराधी के शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी जाती थी, ताकि दम घुटने के कारण उसकी मौत हो जाए। 2.सूली पर टांगकर: जो व्यक्ति मासूम लोगों की बर्बरतापूर्ण ढंग से हत्या करता था, उसे सूली पर टांग कर मृत्युदण्ड दिया जाता था ताकि उसे यह अहसास हो कि जिस व्यक्ति को उसने यातना देकर मार डाला है, उसे कितना कष्ट हुआ होगा। 3.कुचलकर 4.तलवार या कुल्हाड़ी से सिर कलम 5.पत्थरों से प्रहार करके भारतीय न्याय संहिता, 2023 में कुछ गंभीर अपराधों के लिए मृत्युदण्ड अथवा आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है। ये अपराध निम्नलिखित हैं— 1.भारत की संप्रभुता, एकता और अखण्डता के विरुद्ध युद्ध छेड़ना — धारा 147 2.विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप युद्ध किया जाए — धारा 160 3.मृत्युदण्ड से दण्डनीय अपराध के लिए मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना — धारा 229 4.हत्या — धारा 103 5.बालक अथवा विक्षिप्त व्यक्ति को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करना ...

भारतीय कारागार व्यवस्था

 Q.'भारतीय कारागार व्यवस्था' के दोषों को बताइए तथा उसमें सुधार के लिए कुछ उपायों का सुझाव दीजिए। Answer:- कारागार का अर्थ कारागार (Jail/Prison) से आशय ऐसे स्थान से है जहाँ अपराधियों को न्यायालय द्वारा दण्डित किए जाने के बाद रखा जाता है। कारागार  का प्रमुख उद्देश्य अपराधियों को दण्ड देना, सुधार करना तथा समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भारतीय कारागार व्यवस्था के दोष भारतीय कारागार व्यवस्था के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं। 1. अधिक भीड़ (Overcrowding): -भारतीय कारागार व्यवस्था का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां अधिक भीड़ रहती है  जिसके कारण रहने,खाने  एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। 2. अधिक विचाराधीन कैदियों की  संख्या: -भारतीय कारागार व्यवस्था का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां विचाराधीन कैदियों की  संख्या अधिक हैं। क्योंकि क्योंकि कई कैदी हमारे देश में ऐसे होते हैं जिनका मामला अदालत में वर्षों तक लम्बित पड़ा रहता है और वो कारागार में बंद रहते हैं। 3. सुधारात्मक सुविधाओं की कमी:- भारतीय कारागार व्य...

किशोर अपचारिता / बाल अपराध (Juvenile delinquency)

बाल अपराध का अर्थ बाल अपराध एक बालक द्वारा किया गया अवैधानिक कृत्य तथा लोक दोष है जिससे समाज को आघात पहुँचता है और विधि द्वारा दंडनीय होता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि बालक अधिनियम 1960 के अंतर्गत 16 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की को बालक माना गया है। बाल अपराध के कारण बाल अपराध के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं: 1. पारिवारिक कारण :- बच्चे पर परिवार का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है क्योंकि जिन बच्चों के परिवार विघटित, अर्ध-विघटित, अनैतिक वातावरण के साथ-साथ मनोरंजन की कमी वाले होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों में अग्रसर हो जाते हैं। A.विघटित घर:-जिन बच्चों के परिवार विघटित होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। B.अर्धविघटित घर:- जिन बच्चों के परिवार अर्धविघटित होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। C.अनैतिक वातावरण:- जिन बच्चों के परिवार अनैतिक वातावरण वाले होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। D. माता-पिता द्वारा उपेक्षा किया जाना:- जिन बच्चों के माता-पिता बच्चो...

श्वेतपोश अपराध

 श्वेतपोश अपराध का अर्थ  श्वेतपोश अपराध से आशय ऐसे अपराध से है जो प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा अपने व्यवसाय के दौरान किया जाता है। For example:- विधि का उल्लंघन करके अनुचित लाभ प्राप्त करना । श्वेतपोश अपराध की विशेषताएँ  श्वेतपोश अपराध की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:  1. श्वेतपोश अपराध प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा किया जाता है।  2. श्वेतपोश अपराध व्यवसाय के दौरान किया जाता है।  3. श्वेतपोश अपराधों का प्रमुख उद्देश्य अनुचित लाभ प्राप्त करना होता है।  4. श्वेतपोश अपराधों में विधि का उल्लंघन होता है।  श्वेतपोश अपराध के प्रकार  श्वेतपोश अपराध के प्रकार निम्नलिखित हैं:  1.Hacking. 2.Fraud 3.Tax evasion 4.Insider Trading  श्वेतपोश अपराध के कारण  (Causes of White Collar Crime)  इन अपराधों के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:  1. स्वार्थवाद - जब व्यक्ति स्वार्थ में डूब जाता है तो उस दशा में वह बड़े से बड़ा अपराध भी कर बैठता है।  2. अपर्याप्त दंड - श्वेतपोश अपराधियों को पर्याप्त मात्रा में दंड नहीं दिया जाता है यही कारण है कि इस प्रकार ...

संगठित अपराध

 संगठित अपराध का अर्थ  संगठित अपराध से आशय ऐसे अपराध से है जो कि दो या दो से अधिक व्यक्तियों द्वारा नियोजित ढंग से संगठित होकर किया जाता है।  ध्यान देने योग्य बात यह है कि संगठित अपराध की प्रक्रिया प्रायः गोपनीय रहती है।  इसके अन्तर्गत चोरी, जुआ, तस्करी, वेश्यावृत्ति, जालसाजी, डकैती आदि को सम्मिलित किया जाता है।  संगठित अपराध के लक्षण  संगठित अपराध के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:  1. दो या दो से अधिक व्यक्ति: संगठित अपराध के लिए कम से कम दो व्यक्तियों का होना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि अकेला कोई भी एक व्यक्ति संगठित अपराध नहीं कर सकता है।  2.नियोजित ढंग:- संगठित अपराध के लिए नियोजित ढंग का होना अत्यंत आवश्यक है।  3.संगठन / कार्य विभाजन:- संगठित अपराध के लिए संगठन / कार्य विभाजन का होना अत्यंत आवश्यक है।  4.गोपनीयता:- संगठित अपराध के लिए गोपनीयता का होना अत्यंत आवश्यक है।  Note:- ध्यान देने योग्य बात यह है कि Indian Penal Code, 1860 (IPC) में “organised crime” और “petty organised crime” को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया था ...

अपराध

 अपराध का अर्थ  अपराध के कारणों को समझने से पूर्व में अपराध के अर्थ को संक्षेप में समझ लेना अत्यन्त आवश्यक है।  सामान्य शब्दों में "अपराध एक अवैधानिक कृत्य तथा लोक दोष है। जिससे समाज को आघात पहुँचता है और विधि द्वारा दण्डनीय होता है।"  अपराध के सामान्य तत्व  यदि कोई व्यक्ति दुराशय से किसी ऐसे अपराधिक कृत्य को करता है जिससे समाज को आघात पहुँचता है, अपराध कहलाता है।  अपराध के गठन के लिए निम्नलिखित चार तत्वों का होना आवश्यक है:  1. मानव — किसी भी अपराध के गठन के लिए कम से कम एक व्यक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि प्राचीनकाल में पशु तथा निर्जीव वस्तुओं को दण्ड दिये जाने के उदाहरण भी मिलते हैं।  For Exp:-  • गधे के खेत में पाये जाने पर उसके कान काट देना।  • बैल द्वारा सींघ मारने पर उसके सींघ तोड़कर उसके मालिक को दोष देना।  • गाड़ी से मृत्यु होने पर उसे राज्य की सीमा के बाहर फेंक देना।  2. दुराशय (Mens Rea):किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया कोई भी कार्य अपराध नहीं होगा यदि उसका मन अपराधी नहीं है क्योंकि अपराध विधि की एक सुविदित अ...

दण्ड

 प्रश्न: भारत के लिये दंड का कौन सा सिद्धान्त उपयुक्त है?  दण्ड का अर्थ (विधि)  राज्य द्वारा निर्मित कानूनों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है और यदि कोई व्यक्ति इन कानूनों का पालन करने में असमर्थ रहता है तो उस दशा में उसे दंडित किया जा सकता है। भारत में यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसे कितना दंड दिया जायेगा यह भारत की दंड विधि में लिखा हुआ होता है।  दंड को अंग्रेजी में Punishment कहते हैं जिसका अर्थ है सजा।  दंड की परिभाषा  दंड की प्रमुख परिभाषा निम्नलिखित है —  प्रसिद्ध अपराधशास्त्री के अनुसार:— दंड एक प्रकार की सामाजिक प्रताड़ना है और इसमें यह आवश्यक है कि पीड़ा हो।  दंड के उद्देश्य  दंड के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं —  1.प्रतिशोध:- दण्ड का प्रमुख उद्देश्य अपराधी को यह अनुभूति/याद कराना होता है कि अपराध करना एक मंहगा सौदा है और वह उसकी पुनरावृत्ति करने का दु-साहस ना करे।  2.प्रतिरोधात्मक प्रभाव:- दण्ड का प्रमुख उद्देश्य अपराधी को कारागार में प्रतिरोध कर उसकी समाज में अपराध करने की क्षमता को बन्दीकरण द्वारा ...

थियोसोफिकल सोसायटी/एनी बेसेंट

  Q.थियोसोफिकल सोसायटी पर एक विस्तृत आलेख लिखिए। Answer: प्रस्तावना  Introduction थियोसोफिकल सोसायटी एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था है, जिसकी स्थापना 17 नवंबर 1875 को एक अमेरिकन कर्नल तथा एक रूसी महिला द्वारा न्यूयॉर्क (अमेरिका) में हुई थी।  "थियोसोफी" शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों 'थियोस' (ईश्वर) और 'सोफिया' (ज्ञान) से बना है, जिसका अर्थ है 'ईश्वरीय ज्ञान'। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य भाईचारे की स्थापना करना और प्राचीन धर्मों, दर्शनों एवं विज्ञान के रहस्यों को समझना है। एनी बेसेंट का परिचय भारत में थियोसोफिकल सोसायटी को लोकप्रियता दिलाने का श्रेय डॉ. एनी बेसेंट को जाता है। वे 1893 में भारत आईं और 1907 में अमेरिकन कर्नल की मृत्यु के बाद इसकी अध्यक्ष बनीं। उन्होंने भारतीय शिक्षा ,संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने वाराणसी में 'सेंट्रल हिंदू कॉलेज' की स्थापना की, जो बाद में 'बनारस हिंदू विश्वविद्यालय' (BHU) बना। थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना थियोसोफिकल सोसायटी एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था है, जि...

आर्य समाज/स्वामी दयानंद सरस्वती

 Q.आर्य समाज पर विस्तृत आलेख लिखिए  Answer: प्रस्तावना  Introduction  आर्य समाज आधुनिक भारत का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार आंदोलन है। इसकी स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती  ने 10 अप्रैल 1875 को मुंबई में की थी।  इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य संसार का उपकार करना है स्वामी दयानंद सरस्वती का परिचय स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 को गुजरात के टंकारा नामक स्थान पर हुआ था। इनके पिता का नाम करषणजी लालजी तिवारी और माता का नाम यशोदाबाई था। इनके बचपन का नाम  मूलशंकर था। इन्होंने सत्य की खोज में कम उम्र में ही घर त्याग दिया और मथुरा के स्वामी विरजानंद को अपना गुरु बनाया। गुरु की प्रेरणा से इन्होंने वेदों के शुद्ध ज्ञान का प्रचार करने और समाज से अंधविश्वास मिटाने का संकल्प लिया। इन्होंने प्रसिद्ध ग्रंथ 'सत्यार्थ प्रकाश' की रचना की। आर्य समाज की स्थापना आर्य समाज की स्थापना 1875 में मुंबई में हुई थी लेकिन बाद में इसका मुख्यालय लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) बनाया गया।  इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य संसार का उपकार करना है आर्य समाज के सिद्धांत आर्...

ब्रह्म समाज/राजा राममोहन राय

 Q.ब्रह्म समाज पर विस्तृत आलेख लिखिए  भूमिका (Introduction) ब्रह्म समाज आधुनिक भारत का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन था। इसकी स्थापना राजा राममोहन राय ने 20 अगस्त 1828 को कोलकाता में की थी। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना तथा महिला अधिकारों को बढ़ावा देना था। राजा राममोहन राय का परिचय राजा राममोहन राय को 'आधुनिक भारत का जनक' माना जाता है। उनका जन्म 22 मई 1772 को बंगाल के राधा नगर गाँव में हुआ था। उन्हें संस्कृत, अरबी, फारसी, अंग्रेजी और लैटिन जैसी भाषाओं का गहरा ज्ञान था। उन्होंने वेदों और उपनिषदों का गहन अध्ययन किया था और यह निष्कर्ष निकाला कि हिंदू धर्म का मूल आधार एकेश्वरवाद है। उनके प्रयासों के कारण ही सती प्रथा पर कानूनी रोक लगाई गई थी। तथा इन्होंने बहु-विवाह, बाल-विवाह, जाति-प्रथा, पर्दा-प्रथा तथा विधवा-विवाह निषेध प्रथा का भी घोर विरोध किया।  ब्रह्म समाज की स्थापना ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 20 अगस्त 1828 को कोलकाता में की थी। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतिय...

भारतीय संविधान की विशेषताएं

 Q.भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। Answer: प्रस्तावना  भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इसमें नागरिकता ,मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य,राज्य नीति निदेशक तत्व,कार्यपालिका,विधायिका,न्यायपालिका,आपातकाल के सम्बन्ध में प्रावधान ,निर्वाचन आयोग आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है। भारतीय संविधान की विशेषताएं  भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं। 1.लिखित एवं विस्तृत संविधान:- भारतीय संविधान की पहली तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह लिखित एवं विस्तृत संविधान संविधान है ।जिसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ हैं। 2.संघात्मक संविधान :-भारतीय संविधान की दूसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह संघात्मक संविधान है । संघात्मक संविधान से आशय ऐसे संविधान से है जिसने शासन की समस्त शक्तियां केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच बंटी हुई होती हैं। 3.प्रस्तावना:- भारतीय संविधान की तीसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें एक प्रस्तावना दी गई है जिसके अनुसार भारत एक प्रभुत्व सम्पन्न, लोकतन्त्रात्मक,पंथनिरपेक्ष/धर्म निरपेक्ष, स...

प्रसार भारती निगम

 Q.प्रसार भारती कॉरपोरेशन की संरचना का वर्णन कीजिये। इसके चेयरमैन और सदस्यों को कब हटाया व निलंबित किया जा सकता है ? Answer:-प्रसार भारती निगम  प्रसार भारती निगम को अंग्रेजी में prasar bharti corporation कहते हैं। जिसे प्रसार भारती कॉरपोरेशन के नाम से भी जाना जाता है। जिसका प्रमुख उद्देश्य जनता को शिक्षित, सूचित और मनोरंजन (Educate, Inform & Entertain) करना है। प्रसार भारती निगम का गठन  प्रसार भारती निगम का गठन कुल 14 व्यक्तियों से मिलकर होता है। जिसमें 1 अध्यक्ष 1 कार्यकारी सदस्य 1 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रतिनिधि  6 अंशकालिक सदस्य 2 लोकसभा के प्रतिनिधि 1 राज्यसभा का प्रतिनिधि  तथा 2 कर्मचारी आकाशवाणी व दूरदर्शन के प्रतिनिधि होते हैं। योग्यता प्रसार भारती निगम का अध्यक्ष तथा सदस्य नियुक्त होने के लिए व्यक्ति को भारत का नागरिक होना अत्यन्त आवश्यक है। तथा उसे संबंधित क्षेत्र में अनुभव भी होना चाहिए। नियुक्ति प्रसार भारती निगम के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है। लेकिन संसद के सदस्य सदन द्वारा नामित होते हैं। वेतन प्रसार ...

मनोरंजन

 Q.दृष्टव्य और गैर दृष्टव्य मीडिया के बीच अंतर और इसका लोगों के मस्तिष्क पर प्रभाव को स्पष्ट कीजिये। मनोरंजन शब्द की उत्पत्ति मनोरंजन को अंग्रेजी में entertainment कहते हैं जिसकी उत्पत्ति लैटिन भाषा के Recreation नामक शब्द से हुई है।जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है re+creation  यहां Re का अर्थ है 'पुनः या दोबारा' तथा creation का अर्थ है 'निर्माण करना' अर्थात् पुनः निर्माण करने वाला ही मनोरंजन है। मनोरंजन का अर्थ साधारण शब्दों में मनोरंजन से आशय ऐसी ऐच्छिक क्रिया से है जो कि किसी व्यक्ति द्वारा मन बहलाने तथा आनन्द के लिए की जाती है। मनोरंजन की विशेषताएं  मनोरंजन की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं। 1.ऐच्छिक क्रिया :-मनोरंजन ऐच्छिक क्रिया है जो कि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से करता है। 2.मन बहलाने की क्रिया :-मनोरंजन मन बहलाने की क्रिया है अर्थात् व्यक्ति मनोरंजन मन बहलाने के लिए करता है। 3.आनन्द पहुंचाने वाली क्रिया:-मनोरंजन आनन्द पहुंचाने वाली क्रिया है। 4.जीवन जीने की कला:-मनोरंजन जीवन जीने की कला है । मनोरंजन के साधन मनोरंजन के प्रमुख साधन निम्नलिखित हैं। 1.दृष्टव्य मीडिया (V...

Partnership Deed

 Question 2: What is a Partnership Deed? What are its main elements? Which rules apply in its absence? Answer: Definition of Partnership Deed A partnership is established through an "agreement" which can be either written or oral. However, partners usually prefer a written agreement so that any future disputes can be settled easily. Main Elements of a Partnership Deed 1. Capital:-The deed specifies the amount of capital contributed by each partner to the firm. 2. Interest on Capital:-The deed specifies the rate of interest to be paid on the capital invested by the partners. 3. Drawings:-The deed specifies the whether partners can withdraw money for personal use or not and, if so, to what limit. 4.Int erest on Drawings:- The deed specifies If partners withdraw money, the rate of interest that will be charged on those drawings. 5.  Loan:- The deed specifies whether loans can be taken from partners or given to them. 6. Interest on Loan :- The deed specifies the the rat...

विज्ञापन

 Q.विज्ञापन संहिता से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए। Answer:-विज्ञापन का अर्थ विज्ञापन को अंग्रेजी में Advertising कहते हैं जिसका अर्थ है 'सार्वजनिक सूचना देना'। साधारण शब्दों में ,"पहले विज्ञापन से आशय केवल सूचना देने से लगाया जाता था, लेकिन वर्तमान प्रतियोगिता के युग में विज्ञापन के अन्तर्गत उन सभी क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है जिनके द्वारा वस्तु की उपयोगिता का ज्ञान जनता को कराया जा सकता है। विज्ञापन के उद्देश्य विज्ञापन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं। 1.विक्रय में वृद्धि करना:-विज्ञापन का पहला तथा सबसे  महत्वपूर्ण उद्देश्य विक्रय में वृद्धि करना है। क्योंकि जैसे जैसे कोई संस्था अच्छे और अधिक विज्ञापन चलाती है वैसे वैसे उसके विक्रय में वृद्धि होती है। 2.लाभ में वृद्धि करना:-विज्ञापन का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य लाभ में वृद्धि करना है।क्योंकि जैसे जैसे कोई संस्था अच्छे और अधिक विज्ञापन चलाती है वैसे वैसे उसके लाभों में वृद्धि होती है। 3.विक्रेताओं की सहायता करना:-विज्ञापन का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य विक्रेताओं की सहायता करना है। विज्ञापन के प...

भारतीय प्रेस परिषद्

 Q.भारतीय प्रेस काउन्सिल के क्या-क्या कार्य हैं? यदि कोई समाचार पत्र पत्रकारिता के नैतिक मानकों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ यह क्या कार्यवाही कर सकती है? Answer:-भारतीय प्रेस परिषद्  भारतीय प्रेस परिषद् को अंग्रेजी में Press Council of India कहते हैं। जिसे भारतीय प्रेस काउन्सिल के नाम से भी जाना जाता है।इसका प्रमुख उद्देश्य भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना और समाचार पत्रों व समाचार एजेंसियों के मानकों का निर्धारण करना है। भारतीय प्रेस परिषद् का गठन  भारतीय प्रेस परिषद् का गठन 1 अध्यक्ष तथा 28 अन्य सदस्यों से मिलकर होता है। योग्यता भारतीय प्रेस परिषद् का अध्यक्ष नियुक्त होने के लिए यह अवश्यक है कि व्यक्ति या तो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो, या न्यायाधीश हो, या न्यायाधीश होने की योग्यता रखता हो। भारतीय प्रेस परिषद् का सदस्य नियुक्त होने के लिए यह अवश्यक है कि व्यक्ति को पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त हो। नियुक्ति भारतीय प्रेस परिषद् के अध्यक्ष की नियुक्ति एक समिति द्वारा की जाती है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होते हैं। भारत के उपराष्ट्...

Character Sketch of Shylock

 1.villan of the story Shylock is the main villain (antagonist) in the play. He is a money-lender who is very different from Antonio. Most of the problems in the story happen because of him. 2. Full of anger and revenge Shylock hates Antonio. This is because Antonio used to insult him and lend money for free, which hurt Shylock's business. Shylock wants to take revenge, which is why he asks for a "pound of flesh" if the loan isn't paid back. 3. Cruel and stubborn He is a very tough man. In the court, when everyone asks him to show mercy and forgive Antonio, he refuses. He wants to follow the rules strictly just so he can hurt Antonio, showing he has no kindness in his heart. 4. Loves money more than people Shylock is very greedy. He treats his servant badly and saves every penny. When his daughter Jessica runs away with his money, he seems more upset about his lost gold and silver than his own daughter. 5. Treated badly by others To understand Shylock, we must see tha...

महात्मा गांधी

 परिचय  महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता, “बापू” और “महात्मा” के नाम से भी जाना जाता है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी तथा माता का नाम पुतलीबाई गांधी था। इनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था।इनके राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले जी थे। शैक्षिक योग्यता इन्होंने University College London से law की पढ़ाई की। अनुभव इन्होंने दक्षिण अफ्रीका में वकालत भी की और वहीं से सत्याग्रह की शुरुआत की इन्होंने भारत लौटकर स्वतंत्रता आंदोलन तथा अन्य कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व भी किया। For example:-असहयोग आंदोलन 1920 – 1922 सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 – 1934 भारत छोड़ो आंदोलन 1942 – 1944 (लगभग) Note:उपरोक्त तीनों आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण चरण थे।  प्रमुख उपलब्धियाँ इन्होंने भारत को आज़ादी दिलाने में मुख्य भूमिका अदा की। तथा अहिंसा (Non-violence) का रास्ता अपनाया। सत्याग्रह आंदोलन  1919 में ब्रिटिश सरकार ने रौलेट एक्ट पास कर दिया जिसके अंतर्गत सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कैद कर सकती थी। गांधी जी ...

सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 (Cinematograph Act, 1952)

Q.सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 पर एक निबंध लिखिए। प्रस्तावना (Introduction) सिनेमाटोग्राफ अधिनियम का पूरा नाम सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 है जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत में फिल्मों के प्रदर्शन और उनके प्रमाणन (Certification) को विनियमित करना है। इस अधिनियम से पहले फिल्मों पर नियंत्रण के नियम स्पष्ट नहीं थे, लेकिन इस कानून के आने के बाद फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए एक 'सर्टिफिकेट' लेना अनिवार्य हो गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फिल्मों का कंटेंट समाज, नैतिकता और देश की सुरक्षा के मानकों के अनुकूल हो। परिभाषाएँ  सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952  में दी गई प्रमुख परिभाषाएं निम्नलिखित हैं। 1.फिल्म (Film):- सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के अनुसार फिल्म से आशय किसी भी ऐसी सिनेमैटोग्राफ कृति से है जिसमें गतिमान चित्र (moving images) शामिल हों, चाहे वह रील पर हो या डिजिटल प्रारूप में। 2. बोर्ड (The Board):- सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के अनुसार बोर्ड से आशय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से है, जिसे सामान्य भाषा में 'सेंसर बोर्ड'  के नाम से भी...

महात्मा गांधी

 परिचय  महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता, “बापू” और “महात्मा” के नाम से भी जाना जाता है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी तथा माता का नाम पुतलीबाई गांधी था। इनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था।इनके राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले जी थे। शैक्षिक योग्यता इन्होंने University College London से law की पढ़ाई की। अनुभव इन्होंने दक्षिण अफ्रीका में वकालत भी की और वहीं से सत्याग्रह की शुरुआत की इन्होंने भारत लौटकर स्वतंत्रता आंदोलन तथा अन्य कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व भी किया। For example:-असहयोग आंदोलन 1920 – 1922 सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 – 1934 भारत छोड़ो आंदोलन 1942 – 1944 (लगभग) Note:उपरोक्त तीनों आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण चरण थे।  प्रमुख उपलब्धियाँ इन्होंने भारत को आज़ादी दिलाने में मुख्य भूमिका अदा की। तथा अहिंसा (Non-violence) का रास्ता अपनाया। सत्याग्रह आंदोलन  1919 में ब्रिटिश सरकार ने रौलेट एक्ट पास कर दिया जिसके अंतर्गत सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कैद कर सकती थी। गांधी जी ...