भारतीय संविधान की विशेषताएं
Q.भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: प्रस्तावना
भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इसमें नागरिकता ,मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य,राज्य नीति निदेशक तत्व,कार्यपालिका,विधायिका,न्यायपालिका,आपातकाल के सम्बन्ध में प्रावधान ,निर्वाचन आयोग आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है।
भारतीय संविधान की विशेषताएं
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं।
1.लिखित एवं विस्तृत संविधान:- भारतीय संविधान की पहली तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह लिखित एवं विस्तृत संविधान संविधान है ।जिसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ हैं।
2.संघात्मक संविधान :-भारतीय संविधान की दूसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह संघात्मक संविधान है ।
संघात्मक संविधान से आशय ऐसे संविधान से है जिसने शासन की समस्त शक्तियां केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच बंटी हुई होती हैं।
3.प्रस्तावना:- भारतीय संविधान की तीसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें एक प्रस्तावना दी गई है जिसके अनुसार भारत एक प्रभुत्व सम्पन्न, लोकतन्त्रात्मक,पंथनिरपेक्ष/धर्म निरपेक्ष, समाजवादी गणराज्य है।
प्रभुत्व सम्पन्न राज्य से आशय ऐसे राज्य से है जिस पर आन्तरिक तथा बाहरी शक्ति दबाव नहीं बना सकती है। अर्थात जो किसी आन्तरिक सत्ता के अधीन नहीं है।
लोकतन्त्रात्मक राज्य से आशय ऐसे राज्य से है। जिसमें देश का शासन करने वाले व्यक्ति जनता द्वारा चुने जाते है।
धर्म निरपेक्ष राज्य से आशय ऐसे राज्य से है। जिसमें रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी धर्म को मानने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।
समाजवादी राज्य से आशय ऐसे राज्य से है। जिसमें रहने वाले प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के सामाजिक सम्पत्ति उपभोग / प्रयोग करने का अधिकार होता है।
गणतन्त्र राज्य से आशय ऐसे राज्य से है। जिसमें राजशाही का अन्त हो गया है।
4.एकल नागरिकता: भारतीय संविधान की चौथी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अन्तर्गत एकल नागरिकता का प्रावधान किया गया है ना कि अमेरिका की तरह दोहरी नागरिकता का।
क्योंकि वहां केन्द्र की नागरिकता अलग और राज्य की नागरिकता अलग होती है।
5. मौलिक अधिकार : भारतीय संविधान की पांचवी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि भारतीय संविधान द्वारा भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति को कुछ मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं।और यदि भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति के इन मौलिक अधिकारों का हनन होता है उस दशा में वह न्यायलय की शरण ले सकता है।
For example: समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा सम्बन्धी अधिकार, संवैधानिक उपचारों का अधिकार
6. मौलिक कर्तव्य :-भारतीय संविधान की छठी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि भारतीय संविधान द्वारा भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के कुछ मौलिक कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं।जो कि भारतीय संविधान के 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए हैं।
For example:- भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य हैं कि वह संविधान का पालन करे,भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य हैं कि वह राष्ट्रगान का सम्मान करे आदि।
7. राज्य नीति निदेशक तत्व:- भारतीय संविधान की सातवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि भारतीय संविधान में कुछ राज्य के नीति निदेशक तत्व दिए गए हैं ।
अर्थात् सरकार जब भी कोई कानून या नीति बनाएगी तो उस दशा में वह इन नियमों को ध्यान में रखेगी।
For example: सरकार ऐसी नीति बनाएगी जिससे देश की संपत्ति और साधन कुछ हाथों में केंद्रित ना हो।,सरकार ऐसी नीति बनाएगी जिससे स्त्री तथा पुरुषों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिले।
8. कार्यपालिका :-भारतीय संविधान की आठवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अन्तर्गत कार्यपालिका के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई है । कि राष्ट्रपति तथा राज्यपाल का चुनाव किस प्रकार से होगा उसकी योग्यताएं क्या होंगी आदि।
9.विधायिका :- भारतीय संविधान की नवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अन्तर्गत विधायिका की स्थापना की गई है।
इसमें केन्द्रीय स्तर पर केन्द्रीय विधायिका अर्थात् संसद तथा राज्य स्तर पर राज्य विधायिका अर्थात् विधानमंडल।
10.स्वतंत्र न्यायपालिका:- भारतीय संविधान की दसवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत स्वतंत्र न्यायपालिका की स्थापना की गई है।
इसमें केन्द्रीय स्तर पर उच्चतम न्यायालय तथा राज्य स्तर पर उच्च न्यायालय की स्थापना की गई है।
11.आपातकालीन प्रावधान:-भारतीय संविधान की ग्यारहवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत आपातकाल के सम्बन्ध में प्रावधान किया गया है अर्थात यदि भारत का राष्ट्रपति चाहे तो उस दशा में वह राष्ट्रीय आपात, राज्य आपात तथा वित्तीय आपात की घोषणा कर सकता है।
12.स्वतंत्र निर्वाचन आयोग:- भारतीय संविधान की बारहवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत स्वतंत्र निर्वाचन आयोग अर्थात् स्वतन्त्र चुनाव आयोग की स्थापना की गई है।
जो कि भारत में स्वतंत्रत तथा निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने का कार्य करता है।
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