भारतीय प्रेस परिषद्

 Q.भारतीय प्रेस काउन्सिल के क्या-क्या कार्य हैं? यदि कोई समाचार पत्र पत्रकारिता के नैतिक मानकों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ यह क्या कार्यवाही कर सकती है?


Answer:-भारतीय प्रेस परिषद् 

भारतीय प्रेस परिषद् को अंग्रेजी में Press Council of India कहते हैं। जिसे भारतीय प्रेस काउन्सिल के नाम से भी जाना जाता है।इसका प्रमुख उद्देश्य भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना और समाचार पत्रों व समाचार एजेंसियों के मानकों का निर्धारण करना है।



भारतीय प्रेस परिषद् का गठन 


भारतीय प्रेस परिषद् का गठन 1 अध्यक्ष तथा 28 अन्य सदस्यों से मिलकर होता है।


योग्यता


भारतीय प्रेस परिषद् का अध्यक्ष नियुक्त होने के लिए यह अवश्यक है कि व्यक्ति या तो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो, या न्यायाधीश हो, या न्यायाधीश होने की योग्यता रखता हो।


भारतीय प्रेस परिषद् का सदस्य नियुक्त होने के लिए यह अवश्यक है कि व्यक्ति को पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त हो।


नियुक्ति


भारतीय प्रेस परिषद् के अध्यक्ष की नियुक्ति एक समिति द्वारा की जाती है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होते हैं।


भारत के उपराष्ट्रपति (राज्यसभा के सभापति)

लोकसभा अध्यक्ष

परिषद् के एक सदस्य


अन्य सदस्यों का चयन केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न पत्रकार संगठनों तथा संसद आदि की सिफारिश के आधार पर किया जाता है।


वेतन

भारतीय प्रेस परिषद् के अध्यक्ष तथा सदस्यों के वेतन का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाता है। जिसमें समय समय पर परिवर्तन होता रहता है।


कार्यकाल

भारतीय प्रेस परिषद् के अध्यक्ष तथा सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष होता है।


कार्य


भारतीय प्रेस परिषद् के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं।


1.प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना:-भारतीय प्रेस परिषद् का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना है।क्योंकि प्रेस हमारे लोकतन्त्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है।


2.समाचार पत्रों व समाचार एजेंसियों के मानकों का निर्धारण:-भारतीय प्रेस परिषद् का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य समाचार पत्रों व समाचार एजेंसियों के मानकों का निर्धारण करना है।


3.प्रेस से संबंधित शिकायतों की जांच करना:-भारतीय प्रेस परिषद् का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य प्रेस से संबंधित शिकायतों की जांच करना है। अर्थात् भारतीय प्रेस परिषद् प्रेस से सम्बंधित मामलों पर शिकायत की प्राप्ति पर उसकी जांच भी कर सकती है।


4.सरकार और प्रेस के बीच संतुलन बनाए रखना:-भारतीय प्रेस परिषद् का पांचवां तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य सरकार और प्रेस के बीच संतुलन बनाए रखना है।


भारतीय प्रेस परिषद् की शक्तियां 


भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 द्वारा भारतीय प्रेस परिषद् को निम्नलिखित शक्तियां प्रदान की गई है।


1.जांच करना :-भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 द्वारा भारतीय प्रेस परिषद् को जांच करने की शक्ति प्रदान की गई है।अर्थात यदि भारतीय प्रेस परिषद् को प्रेस के खिलाफ कोई शिकायत प्राप्त होती है। तो उस दशा में वह उसकी जांच कर सकता है।


2.गवाहों को बुलाना:-भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 द्वारा भारतीय प्रेस परिषद् को गवाहों को बुलाने की शक्ति प्रदान की गई है। अर्थात् वह आवश्यकता पढ़ने पर गवाह बुला सकता है।


3.दस्तावेज़ मंगाना:-भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 द्वारा भारतीय प्रेस परिषद् को दस्तावेज़ मंगाने की शक्ति प्रदान की गई है। अर्थात् वह आवश्यकता पढ़ने पर संबंधित पक्षकारों से दस्तावेज मांग सकता है।


4.निर्णय देना:-भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 द्वारा भारतीय प्रेस परिषद् को निर्णय देने की शक्ति प्रदान की गई है। अर्थात वह संबंधित मामले पर आवश्यक जांच करने के पश्चात निर्णय से सकता है।

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