थियोसोफिकल सोसायटी/एनी बेसेंट

  Q.थियोसोफिकल सोसायटी पर एक विस्तृत आलेख लिखिए।



Answer: प्रस्तावना 
Introduction


थियोसोफिकल सोसायटी एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था है, जिसकी स्थापना 17 नवंबर 1875 को एक अमेरिकन कर्नल तथा एक रूसी महिला द्वारा न्यूयॉर्क (अमेरिका) में हुई थी। 

"थियोसोफी" शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों 'थियोस' (ईश्वर) और 'सोफिया' (ज्ञान) से बना है, जिसका अर्थ है 'ईश्वरीय ज्ञान'। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य भाईचारे की स्थापना करना और प्राचीन धर्मों, दर्शनों एवं विज्ञान के रहस्यों को समझना है।



एनी बेसेंट का परिचय


भारत में थियोसोफिकल सोसायटी को लोकप्रियता दिलाने का श्रेय डॉ. एनी बेसेंट को जाता है। वे 1893 में भारत आईं और 1907 में अमेरिकन कर्नल की मृत्यु के बाद इसकी अध्यक्ष बनीं। उन्होंने भारतीय शिक्षा ,संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने वाराणसी में 'सेंट्रल हिंदू कॉलेज' की स्थापना की, जो बाद में 'बनारस हिंदू विश्वविद्यालय' (BHU) बना।


थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना


थियोसोफिकल सोसायटी एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था है, जिसकी स्थापना 17 नवंबर 1875 को एक अमेरिकन कर्नल तथा एक रूसी महिला द्वारा न्यूयॉर्क (अमेरिका) में हुई थी। 

इस संस्था का मुख्य उद्देश्य भाईचारे की स्थापना करना और प्राचीन धर्मों, दर्शनों एवं विज्ञान के रहस्यों को समझना है।

 इस संस्था का मुख्य कार्यालय मद्रास (अब चेन्नई) के पास स्थित है।


थियोसोफिकल सोसायटी के सिद्धांत


थियोसोफिकल सोसायटी के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं।


1. इस सोसायटी की मान्यता थी कि सब धर्मों में हिन्दू और बौद्ध धर्म सर्वोच्च धर्म है।


2.पुनर्जन्म और कर्म-बन्धन में विश्वास करना चाहिए।


3.जाति-पाति का भेद नहीं मानना चाहिए


थियोसोफिकल सोसायटी के कार्य


थियोसोफिकल सोसायटी के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं।


1.संसार के सभी वर्गों में विश्व-बन्धुत्व की भावना विकसित करना।


2.मानव-जाति को धार्मिक सिद्धान्तों के अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करना।

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