राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण तथा राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपीलीय अधिकरण National company law tribunal and National company law appelate tribunal

 


राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण
National company law tribunal

राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण को अंग्रेजी में National company law tribunal कहते हैं।  जिसे संक्षेप में nclt के नाम से भी जाना जाता है ।

इसकी प्रधान पीठ दिल्ली में है तथा अन्य पीठ भारत में विभिन्न स्थानों पर है।

Nclt की स्थापना 1 जून 2016 को company law board को समाप्त करके की गई है। अर्थात पहले जो मामले company law board के क्षेत्र में आते थे वर्तमान समय में उन सभी मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण द्वारा को जाती है।

Nclt का गठन एक अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों से मिलकर होता है ।

Nclt का अध्यक्ष केवल वही व्यक्ति हो सकता है जो कि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो अथवा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो अथवा दस वर्षों तक किसी न्यायालय का वकील रहा हो।

Nclt का सदस्य केवल वही व्यक्ति हो सकता है जिसके पास लेखाशास्त्र,कानून और वित्त में कम से कम 15 वर्षों का विशेष ज्ञान और अनुभव हो।

राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण का अधिकार क्षेत्र

राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण को निम्नलिखित मामलों की सुनवाई करने का अधिकार होता है।

1. कम्पनी के विरुद्ध चल रहे मामले को सुनने का अधिकार

2. कम्पनी के विरुद्ध किसी दावे को निपटाने का अधिकार

राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपीलीय अधिकरण
National company law appelate tribunal

राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपीलीय अधिकरण को अंग्रेजी में National company law appelate tribunal कहते हैं।

Nclat की स्थापना 1 जून 2016 को की गई है।

Nclat का गठन एक अध्यक्ष तथा 11 अन्य सदस्यों से मिलकर होता है।

Nclat का अध्यक्ष केवल वही व्यक्ति हो सकता है जो कि उच्चतम न्यायालय का वरिष्ठ न्यायाधीश हो अथवा उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा हो।

Nclat का सदस्य केवल वही व्यक्ति हो सकता है जो कि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो अथवा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो। अथवा अधिकरण का 5 वर्ष तक सदस्य रहा हो।

यदि कोई व्यक्ति अधिकरण द्वारा दिए गए आदेश से संतुष्ट नहीं है तो उस दशा में वह 45 दिन के भीतर अपीलीय अधिकरण में अपील कर सकता है जिसे बढ़ाकर 60 दिन तक किया जा सकता है

Comments

Popular posts from this blog

मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 /मानवाधिकार आयोग

मौर्य साम्राज्य

किशोर अपचारिता / बाल अपराध (Juvenile delinquency)