अनुपात विश्लेषण Ratio analysis
Q. अनुपात विश्लेषण से आप क्या समझते हैं इसके लाभ एवं सीमाएं बताइए । यह कितने प्रकार के होते हैं?
अनुपात विश्लेषण का अर्थ
meaning of ratio analysis
अनुपात विश्लेषण को अंग्रेजी में ratio analysis कहते हैं। जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है।
"ratio +analysis "
ratio का अर्थ है अनुपात तथा analysis का अर्थ है विश्लेषण
दो या दो से अधिक मदों के बीच संख्यात्मक संबंध को अनुपात कहते हैं। जिसे प्रतिशत अथवा गुना में व्यक्त किया जा सकता है।
अनुपात विश्लेषण वित्तीय विश्लेषण की एक एसी विधि है जिसके अन्तर्गत वित्तीय विवरण की दो या से अधिक मदों के बीच अनुपात ज्ञात किया जाता है।
अनुपात विश्लेषण के उद्देश्य / लाभ / महत्व
objectives of ratio analysis
अनुपात विश्लेषण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं।
1.तरलता का ज्ञान (knowledge of liquidity)- अनुपात विश्लेषण का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यवसाय की तरलता का ज्ञान प्राप्त करना होता है। कि व्यवसाय में तरलता है या नहीं
इसके लिए चालू अनुपात तथा तरल अनुपात आदि का अध्ययन किया जाता है।
2.कार्य कुशलता का ज्ञान(knowledge of operating efficiency) - अनुपात विश्लेषण का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यवसाय की कार्य कुशलता का ज्ञान प्राप्त करना होता है। कि व्यवसाय कितनी कार्य कुशलतापूर्वक कार्य कर रहा है।
3.शोधन क्षमता का ज्ञान(knowledge of solvency) - अनुपात विश्लेषण का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यवसाय की शोधन क्षमता का ज्ञान प्राप्त करना होता है। कि व्यवसाय की शोधन क्षमता कैसी है?
4.लाभदायकता का ज्ञान(knowledge of profitability)- अनुपात विश्लेषण का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यवसाय की लाभदायकता का ज्ञान प्राप्त करना होता है। कि व्यवसाय लाभदायक है अथवा नहीं
अनुपात विश्लेषण की सीमाएं
limitations of ratio analysis
अनुपात विश्लेषण की प्रमुख सीमाएं निम्नलिखित हैं।
1.गुणात्मक विश्लेषण का अभाव - अनुपात विश्लेषण में गुणात्मक विश्लेषण का अभाव पाया जाता है। क्योंकि इसके द्वारा यह पता नहीं लगाया जा सकता कि व्यवसाय में लगे हुए व्यक्तियों का चरित्र कैसा है?
2.केवल निर्वचन के साधन- अनुपात केवल निर्वचन के साधन मात्र ही होते हैं। इसीलिए इनका प्रयोग अन्य सूचनाओं के साथ ही किया जाना चाहिए। Standalone basis पर नहीं।
3.ऊपरी दिखावे की संभावना- अनुपात विश्लेषण में ऊपरी दिखावे की संभावना बनी रहती है जिसे window dressing कहते हैं।
4.विश्लेषक की व्यक्तिगत योग्यता का प्रभाव- अनुपात विश्लेषण में विश्लेषक की व्यक्तिगत योग्यता का प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ता है अर्थात इनका प्रयोग बड़ी सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
अनुपातों का वर्गीकरण
classification of accounting ratios
अनुपात निम्नलिखित प्रकार के होते हैं।
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