मुद्रा स्फीति लेखांकन
Q.मुद्रा स्फीति लेखांकन से आप क्या समझते हैं? मुद्रा स्फीति लेखांकन के गुण व दोष बताइये।
Answer:- मुद्रा स्फीति लेखांकन का अर्थ
Meaning of inflation accounting
मुद्रा स्फीति लेखांकन को अंग्रेजी में inflation accounting कहते हैं। जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है।inflation +accounting
inflation का अर्थ है मुद्रा स्फीति तथा accounting का अर्थ है लेखांकन
अर्थात इस प्रकार हमें मुद्रा स्फीति लेखांकन के अर्थ को समझने से पूर्व हमें मुद्रा स्फीति तथा लेखांकन के अर्थ को पृथक पृथक समझ लेना अत्यन्त आवश्यक है।
जब देश में वस्तुओं की कीमत में वृद्धि होने लगती है तथा मुद्रा की क्रय शक्ति(purchasing power) में कमी होने लगती है तो इसे मुद्रा स्फीति(inflation )कहते हैं।
और जब देश में वस्तुओं की कीमत में कमी होने लगती है तथा मुद्रा की क्रय शक्ति(purchasing power) में वृद्धि होने लगती है तो इसे अवस्फीति(Deflation) कहते हैं।
लेखांकन से आशय लेन-देनों को क्रमबद्ध रूप में लिखने, वर्गीकरण करने, सारांश तैयार करने एवं उनको प्रस्तुत करने से है, जिससे कि उनका विश्लेषण तथा निर्वचन किया जा सके।
मुद्रा स्फीति तथा लेखांकन के अर्थ को पृथक पृथक समझने के पश्चात निष्कर्ष के रूप में हम यह कह सकते हैं कि साधारण शब्दों में ," मुद्रा स्थिति लेखांकन से आशय मुद्रा स्थिति को ध्यान में रखते हुए लेखांकन करने से है जिससे कि व्यवसाय के वास्तविक लाभ का पता लगाया जा सके, व्यवसाय की वास्तविक संपत्तियों का पता लगाया जा सके और व्यवसाय के वास्तविक स्कन्ध का मूल्यांकन किया जा सके।
मुद्रा स्फीति लेखांकन के लाभ
मुद्रा स्फीति लेखांकन के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं।
1.वास्तविक लाभ का आकलन:- मुद्रास्फीति लेखांकन का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे वास्तविक लाभ का आकलन किया जा सकता है कि वास्तव में कम्पनी को कितना लाभ हो रहा है।
2.वास्तविक संपत्तियों का आकलन:-मुद्रास्फीति का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इसके अंतर्गत वास्तविक संपत्ति का मूल्यांकन किया जा सकता है ।कि कंपनी के पास वास्तव में कितने रुपए की संपत्ति हैं क्योंकि पारम्परिक लेखांकन के अंतर्गत संपत्तियों को सदैव लागत मूल्य पर दिखाया जाता है।
3.वास्तविक स्कन्ध का आकलन:- मुद्रास्फीति लेखांकन का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे कंपनी के वास्तविक स्कन्ध का आकलन हो जाता है। कि कम्पनी के पास वास्तव में कितने रुपए का स्कन्ध पड़ा हुआ है।
मुद्रा स्फीति लेखांकन के दोष
मुद्रा स्फीति लेखांकन के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं।
1. संपत्ति के मूल्यांकन में कठिनाई :- मुद्रास्फीति लेखांकन का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इसके अन्तर्गत पारंपरिक लेखांकन की तुलना में संपत्ति के मूल्य की गणना करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
2.समझने में कठिनाई :-मुद्रास्फीति लेखांकन का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इसके अन्तर्गत पारंपरिक लेखांकन की तुलना में संपत्ति के मूल्य की गणना को समझने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
3.अधिक खर्चीली :-मुद्रास्फीति लेखांकन का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यह प्रणाली अत्यंत खर्चीली है क्योंकि इसके अंतर्गत विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ती है।
4.वित्तीय परिणामों में अस्थिरता:-मुद्रास्फीति लेखांकन का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इसके अंतर्गत वित्तीय परिणामों में अस्थिरता बनी रहती है।
Comments
Post a Comment