कम्पोजीशन योजना(composition scheme)
Q.GST की सामान्य योजना और कम्पोजीशन योजना में क्या अंतर है तथा कम्पोजीशन योजना की लाभ व हानिओं को संक्षेप में समझाइये।
कम्पोजीशन योजना का अर्थ
कम्पोजीशन योजना को अंग्रेजी में composition scheme कहते हैं।
साधारण शब्दों में," कंपोजीशन योजना से आशय ऐसी ऐच्छिक योजना से है जो कि लघु एवं मध्यम स्तर के व्यापारियों के लिए लाई गई है ।
इसका प्रमुख उद्देश्य लघु एवं मध्यम स्तर के व्यापारियों के लिए कर की भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना है।
इस योजना का लाभ केवल वही करदाता ले सकते हैं जिसका कुल आवर्त सामान्य राज्य की दशा में अधिकतम 1.5 करोड़ रुपए तथा विशिष्ट राज्यों की दशा में अधिकतम 75 लख रुपए है।
क्योंकि यदि कोई व्यक्ति इस योजना को अपनाता है तो उस दशा में उसे प्रतिमाह सामान्य दर से कर का भुगतान करने की वजाय हर तिमाही एक निश्चित प्रतिशत कर के रूप में जमा करना पड़ता है जो कि कुल आवर्त का 1% अथवा 5% हो सकता है।
कम्पोजीशन योजना की विशेषताएं
कम्पोजीशन योजना की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है।
1. ऐच्छिक योजना:-कम्पोजीशन योजना की पहली तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह एक ऐच्छिक योजना है जिसे अपनाना या ना अपनाना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है।
2. आवर्त की अधिकतम सीमा:-कम्पोजीशन योजना की दूसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे केवल वही व्यापारी अपना सकता है जिसका कुल आवर्त अधिकतम 1.5 करोड़ रुपए है अथवा विशिष्ट राज्यों की दिशा में अधिकतम 75 लख रुपए है।
3. व्यापारी तथा निर्माता दोनों पर लागू होना :-कम्पोजीशन योजना की तीसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह व्यापारी तथा निर्माता दोनों पर लागू होती है। अर्थात इसे व्यापारी एवं निर्माता दोनों ही अपना सकते हैं।
लेकिन निम्नलिखित श्रेणी के व्यापारी एवं निर्माता इस योजना को नहीं अपना सकते हैं।
1.पेट्रोल, डीजल, क्रूड ऑयल तथा प्राकृतिक गैस का व्यापारी
2.शराब का व्यापारी
3.पान मसाले का व्यापारी
4.तंबाकू का व्यापारी
5.आइसक्रीम का व्यापारी
4. कर की दरें :-कम्पोजीशन योजना की चौथी तथा सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत निर्माता तथा व्यापारी को कुल आवर्त पर 1% जीएसटी चुकाना होता है तथा रेस्टोरेंट की दशा में कुल आवर्त पर 5% जीएसटी चुकाना होता है
कम्पोजीशन योजना के लाभ
कम्पोजीशन योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं।
1.सीमित अनुपालना :-कंपोजीशन योजना का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि कंपोजिशन डीलर को मासिक विवरणी जमा नहीं करनी होती है बल्कि उसे तिमाही विवरणी जमा करनी होती है।
2.सीमित करदायित्व :-कंपोजीशन योजना का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि कंपोजिशन डीलर का कर दायित्व सीमित होता है अर्थात उसे अपने द्वारा किए गए कुल आवर्त पर 1% अथवा 5% का नाम मात्र कर ही चुकाना पड़ता है।
3.कर का संग्रहण एवं जमा करवाने के कार्य से मुक्ति :- कंपोजीशन योजना का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि कंपोजिशन डीलर को कर का संग्रहण करने एवं जमा करवाने के कार्य से मुक्ति मिल जाती है।
कम्पोजीशन योजना के दोष
कम्पोजीशन योजना के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं।
1.व्यवसाय का सीमित क्षेत्र :-कंपोजीशन योजना का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि कंपोजिशन डीलर के व्यवसाय का क्षेत्र अत्यंत सीमित होता है अर्थात वह राज्य के बाहर माल की पूर्ति नहीं कर सकता है और वह माल एवं सेवाओं का आयात तथा निर्यात भी नहीं कर सकता है।
2.इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं :-कंपोजिशन योजना का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इसके अंतर्गत कंपोजिशन डीलर को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलती है।
इसीलिए अधिकतर कंपोजिशन डीलर से कोई माल क्रय करना पसंद नहीं करता है।
3.ग्राहकों से कर संग्रहण नहीं :-कंपोजीशन योजना का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इसके अंतर्गत कंपोजिशन डीलर ग्राहकों से कर का संग्रहण नहीं कर सकता है और उनसे कर बीजक भी निर्गमित नहीं कर सकता है इसीलिए कंपोजिशन डीलर द्वारा कर बीजक के स्थान पर पूर्ति का बिल (bill of supply)ही निर्गमित किया जाता है।
4.ई-कॉमर्स ऑपरेशन्स नहीं:-कंपोजीशन योजना का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष क्या है कि इसके अंतर्गत कंपोजिशन डीलर ई-कॉमर्स ऑपरेशंस नहीं कर सकता है क्योंकि ई-कॉमर्स ऑपरेशंस अंतर्राष्ट्रीय पूर्ति(inter state supply)की श्रेणी में आते हैं।
Comments
Post a Comment