गुप्त प्रशासन
Q.गुप्त प्रशासन की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए।
Answer:- गुप्त प्रशासन की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं।
1.केंद्रीकृत राजतंत्र:- गुप्त काल की पहली तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान शासन व्यवस्था पूर्णतः सम्राट के हाथों में थी। राजा राज्य का सर्वोच्च अधिकारी होता था और उसकी शक्ति वंशानुगत होती थी।
2.राजा का दैवी स्वरूप:- गुप्त काल की दूसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान गुप्त शासकों को विष्णु का प्रतिनिधि माना जाता था।
3.मंत्रिपरिषद की व्यवस्था:- गुप्त काल की तीसरी तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान राजा को प्रशासन चलाने में मंत्रिपरिषद की सहायता प्राप्त होती थी। प्रमुख मंत्रियों में मंत्री, महादंडनायक आदि शामिल थे।
4.प्रांतीय प्रशासन:- गुप्त काल की चौथी तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान पूरे साम्राज्य को प्रांतों में विभाजित किया गया था।
5.स्थानीय स्वशासन:- गुप्त काल की पांचवी तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान नगरों और ग्रामों में स्थानीय संस्थाएँ कार्य करती थीं।
6.न्याय व्यवस्था:- गुप्त काल की छठी तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान राजा सर्वोच्च न्यायाधीश होता था, परंतु विभिन्न स्तरों पर न्यायालय स्थापित थे। जिनमें धर्मशास्त्रों के आधार पर न्याय दिया जाता था।
7.कर व्यवस्था:- गुप्त काल की सातवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान भूमि कर आय का प्रमुख स्रोत था। सामान्यतः उपज का 1/6 भाग कर के रूप में लिया जाता था। अर्थात् कर व्यवस्था अत्यन्त सरल थी।
8.सैन्य व्यवस्था:- गुप्त काल की आठवीं तथा सबसे महत्वपूर्ण यह थी कि इस दौरान सेना काफी सशक्त थी, जिसमें पैदल सेना, घुड़सवार, हाथी और रथ शामिल थे। सेना का सर्वोच्च अधिकारी महादंडनायक होता था।
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