अपराध शास्त्र
अपराध शास्त्र का अर्थ
अपराध शास्त्र को अंग्रेजी में criminology कहते है जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है अपराध + शास्त्र इसलिए अपराध शास्त्र ज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत अपराध तथा अपराधी का अध्ययन किया जाता है.
वास्तव में अपराध शास्त्र का यह अर्थ बहुत ही संकुचित है । प्रसिद्ध अपराधशास्त्री teft ने अपराधशास्त्र को दो रूपों में प्रयुक्त किया है।
1. विस्तृत रुप में - अपराधशास्त्र वह विज्ञान है जिसके अन्तर्गत अपराध की व्याख्या के साथ-साथ अपराधियों को दिए जाने वाले दण्ड को भी शामिल किया जाता है.
2. संकीर्ण रुप में - अपराध शास्त्र अपराध की व्याख्या करता है.
अपराध शास्त्र की परिभाषा
अपराध शास्त्र की परिभाषा के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों में भिन्न-भिन्न मतभेद रहे है अर्थात अपराध शास्त्र के सम्बन्ध में प्रमुख विद्वानों द्वारा दी गयी प्रमुख परिभाषा निम्नलिखित है -
सदरलैंड के अनुसार:- अपराध शास्त्र ज्ञान की वह शाखा है जो अपराध का अध्ययन एक सामाजिक घटना के रूप में करती है।
रैकलेस के अनुसार:- अपराधशास्त्री जिसका अध्ययन करते हैं वही अपराध शास्त्र है।
डॉक्टर बसंती लाल बाबेल के अनुसार:- अपराध शास्त्र विज्ञान की वह शाखा है जिसमें अपराध और अपराधी बनने के कारण उनके उपचार तथा निवारण के तरीकों और अपराधी तक पहुंचने के ढंग का अध्ययन किया जाता है।
विभिन्न विद्वानों द्वारा दी गयी भिन्न-भिन्न परिभाषाओं का विश्लेषण करने के पश्चात हम निष्कर्ष के रूप में यह कह सकते हैं कि अपराध शास्त्र ज्ञान की वह शाखा है जो समय और परिस्थितियों के साथ विकसित और परिवर्तित होती रहती है।
अपराध शास्त्र का क्षेत्र
अपराध शास्त्र का क्षेत्र निर्धारित करना बहुत कठिन है फिर भी विधि वक्ताओं ने अन्य विषयों की तरह इसके क्षेत्र को भी निर्धारित करने का प्रयास किया है. अतः डाक्टर बसंतीलाल बाबेल के मतानुसार आज अपराध शास्त्र में निम्नलिखित बातों पर अध्ययन किया जाता है.
1. अपराध क्या है अपराध क्यों किये जाते हैं.
2. अपराधी कौन है उसके क्या कारण हैं.
3. अपराधियों का निवारण कैसे किया जा सकता है.
4. अपराध से अपराधी तक पहुंच कैसे पहुंचों जा सकता है.
अपराध शास्त्र के मुख्य विभाग
अपराध शास्त्र को निम्नलिखित तीन भागों में बांटा जा सकता है.
1. विधि का समाज शास्त्र: विधि का समाज शास्त्र के अन्तर्गत उन प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है जिनके अन्तर्गत कानून बनाया जाता है।
2. आपराधिक कारण शास्त्र :- आपराधिक कारण शास्त्र के अन्तर्गत उन कारणों का अध्ययन किया जाता है जो अपराधिक प्रवृति को प्रोत्साहन देते है।
3. दण्डशास्त्र: दण्डशास्त्र के अन्तर्गत अपराधों को कम करने के लिए बनायी गयी दण्ड व्यवस्था का अध्ययन किया जाता है।
For Example:- Probation, Parole
अपराध शास्त्र की प्रकृति अपराध शास्त्र की प्रकृति के सम्बन्ध में विभिन्न विद्धवानों में भिन्न-भिन्न मतभेद रहे है कुछ अपराधशास्त्रियों का यह मानना है कि अपराध शास्त्र एक अविकसित विज्ञान है जो कि निकट भविष्य में एक विकसित विज्ञान होगा.
क्या अपराध शास्त्र एक विज्ञान है
अपराध शास्त्र एक विज्ञान नहीं है इस सम्बन्ध में विभिन्न अपराधशास्त्रियों द्वारा निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किये गये है।
1. सार्वभौमिक सिद्धान्तों का अभाव
2. वैज्ञानिक अध्ययन का अभाव
3. प्रयोगशाला का अभाव
अपराध शास्त्र एक अविकसित विज्ञान है इस सम्बन्ध में विभिन्न अपराधशास्त्रियों द्वारा निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किये गये है।
1. सार्वभौमिक सिद्धान्त सम्भव है
2. वैज्ञानिक अध्ययन सम्भव है
3. प्रयोगशाला सम्भव है।
निष्कर्ष :- विभिन्न अपराधशास्त्रियों द्वारा प्रस्तुत किये गये तर्कों का विश्लेषण करने के पश्चात् निष्कर्ष के रूप में हम यह कह सकते है कि अपराध शास्त्र वर्तमान समय में तो कोई विज्ञान नहीं है किन्तु इसके विज्ञान के रूप में विकसित होने की आशायें है।
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