प्रस्तावना
introduction
क्या भारत में एक अनिवार्य मतदान प्रणाली होनी चाहिए?
यह जानने से पूर्व हमें भारत में वर्तमान मतदान प्रणाली के बारे में जान लेना अत्यन्त आवश्यक है।
वर्तमान मतदान प्रणाली के अन्तर्गत कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है वह निर्वाचन (election) में मत(vote) डाल सकता है (वर्ष 1989 से पहले यह आयु 21 वर्ष थी)। मत देने के अधिकार में जाति,धर्म, समुदाय या लिंग पर ध्यान नहीं दिया जाता है।
According to a survey conducted by dainik jagran," 91 % लोगों का यह मानना है कि भारत में एक अनिवार्य मतदान प्रणाली होनी चाहिए
अनिवार्य मतदान प्रणाली का अर्थ
Meaning of compulsory voting system
अनिवार्य मतदान प्रणाली से आशय ऐसी प्रणाली से है जिसके अन्तर्गत भारत में रहने वाले प्रत्येक मतदाता को चुनाव में अपना मत देना तथा मतदान केन्द्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा ।
और यदि कोई व्यक्ति अपना मत देने तथा मतदान केन्द्र पर उपस्थित होने में असमर्थ रहता है तो उस दशा में उसे दण्डित किया जा सकता है।
इसका प्रमुख उद्देश्य लोकतंत्र में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करके सरकार को अधिक सशक्त बनाना है। जिससे मतदातों के ध्रुवीकरण को रोका जा सके।
अनिवार्य मतदान प्रणाली लाभ
Advantages of compulsory voting system
1. लोकतंत्र में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना - अनिवार्य मतदान प्रणाली का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह लोकतंत्र में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करेगी। क्योंकि भारत में यह देखा गया है कि गरीब और अशिक्षित लोग मतदान करने से हिचकिचाते हैं।
2. सरकार को अधिक सशक्त बनाना - अनिवार्य मतदान प्रणाली का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह सरकार को अधिक सशक्त बनाएगी और सरकार के उत्तरदायित्वों responsibilities) में वृद्धि करेगी।
क्योंकि इससे सरकार को देश की समस्त जनता का समर्थन प्राप्त होता है।
3. ध्रुवीकरण को रोकने में मददगार - अनिवार्य मतदान प्रणाली का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह मतदातों के ध्रुवीकरण को रोकने में भी मददगार होगा । क्योंकि इससे राजनीतिक दल political parties) अपने नज़दीकी समुदायों के बदले बहुसंख्यक जनता के हितों की बात करेंगे।
4. खर्चों में कमी - अनिवार्य मतदान प्रणाली का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे चुनाव के दौरान होने वाले खर्चों में कमी होगी ।
अनिवार्य मतदान प्रणाली दोष
Disadvantages of compulsory voting system
1. सौ प्रतिशत मतदान की गारंटी नहीं- अनिवार्य मतदान प्रणाली का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इससे सौ प्रतिशत मतदान की गारंटी नहीं दी जा सकती है।
2. खर्चों में वृद्धि - अनिवार्य मतदान प्रणाली का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि इससे चुनाव के दौरान होने वाले खर्चों में वृद्धि होगी
3. आधिकार कर्तव्य में मतदान करना एक कानूनी अधिकार है कर्त्तव्य नहीं, लेकिन इसे अनिवार्य कर देने से यह कर्त्तव्य में तब्दील हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की चुनने की स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा।
4. Ms. Beniwal had contended that the proposed law violated Article 19(1)(A) of the Constitution, which guarantees freedom of expression, including the right not to vote.
5. Beniwal had refused to approve the Bill on the grounds that it was an infringement of individual liberty and violated freedom guaranteed under Article 21 of the Constitution.
6. "Voting a matter of choice": Delhi High Court refuses to entertain plea by BJP's Ashwini Kumar Upadhyay for compulsory voting
7. Idea of compulsory voting 'not so practical: CEC
8. To ask, say a daily labourer to cough up a fine of ₹500 for not voting would be terrible, as would having an authentic list of those who skipped. Many candidates who have muscle power, and would possibly have been promised votes by a particular person may find this a convenient list to settle scores after the polls,”
9. “In the 2009 General Election, when Dr. Manmohan Singh was re-elected Prime Minister, the voting percentage was 58.19% while in 2014, when Modiji was declared the prime ministerial candidate of the NDA, the enthusiasm was such that the polling percentage went up to 66% and in 2019, to re-elect him, the percentage went up further to 67.40%,
10. People should be encouraged to vote, and only hope in political leadership, ease of registration and going to polling booths etc., can do that,”
11. One nation one election.
12.हम चेन्नई में मौजूद किसी व्यक्ति को श्रीनगर में अपने गृहनगर वापस आने और वहां मतदान करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। आप चाहते हैं कि हम पुलिस को उसे पकड़ने और श्रीनगर भेजने का निर्देश दें।"
अनिवार्य मतदान प्रणाली किन किन देशों में है?
वर्तमान समय में 33 देशों में मतदान करना जरूरी है।
For example:- ऑस्ट्रेलिया, Belgium and Brazil में राष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य मतदान का प्रावधान है।
क्या भारत में अनिवार्य मतदान प्रणाली संभव है?
Is compulsory voting system possible in India?
Compulsory voting was first considered by the Parliament in 1950 during the enactment of the Representation of the People Act. Nevertheless, citing practical difficulties in implementation, it was rejected (led by members such as Dr. B.R. Ambedkar).
Gujarat becomes first state to make voting compulsory.
इसीलिए अगर अगर गुजरात में voting compulsory हो सकती है । तो पूरे india में क्यों नहीं ।
निष्कर्ष
Conclusion
इस समस्त विश्लेषण के आधार पर निष्कर्ष के रूप में हम यह कह सकते हैं कि भारत में एक अनिवार्य मतदान प्रणाली का होना अत्यन्त आवश्यक है।
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