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Showing posts from April, 2024

राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण तथा राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपीलीय अधिकरण National company law tribunal and National company law appelate tribunal

  राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण National company law tribunal राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण को अंग्रेजी में National company law tribunal कहते हैं।  जिसे संक्षेप में nclt के नाम से भी जाना जाता है । इसकी प्रधान पीठ दिल्ली में है तथा अन्य पीठ भारत में विभिन्न स्थानों पर है। Nclt की स्थापना 1 जून 2016 को company law board को समाप्त करके की गई है। अर्थात पहले जो मामले company law board के क्षेत्र में आते थे वर्तमान समय में उन सभी मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण द्वारा को जाती है। Nclt का गठन एक अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों से मिलकर होता है । Nclt का अध्यक्ष केवल वही व्यक्ति हो सकता है जो कि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो अथवा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो अथवा दस वर्षों तक किसी न्यायालय का वकील रहा हो। Nclt का सदस्य केवल वही व्यक्ति हो सकता है जिसके पास लेखाशास्त्र,कानून और वित्त में कम से कम 15 वर्षों का विशेष ज्ञान और अनुभव हो। राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण का अधिकार क्षेत्र राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण को निम्नलिखित मामलों की सुनवाई करने का अधिकार होता है।...

संस्थागत निवेशकर्ता

  संस्थागत निवेशकर्ता का अर्थ Meaning of Institutional investors संस्थागत निवेशकर्ता को अंग्रेजी में Institutional investors कहते हैं। जिसे संस्थागत निवेशक के नाम से भी जाना जाता है। साधारण शब्दों में," संस्थागत निवेशकर्ता से आशय एसे निवेशकर्ता से है जो कि किसी संस्था से संबंधित होता है तथा प्रतिभूतियों का बड़े पैमाने पर क्रय-विक्रय करता है। इसके अन्तर्गत भारतीय जीवन बीमा निगम, सामान्य बीमा निगम, भारतीय यूनिट ट्रस्ट, व्यापारिक बैंक, भारतीय औद्योगिक विकास बैंक आदि को सम्मिलित किया जाता है। भारत में संस्थागत निवेशकर्ताओं को निम्नलिखित दो भागों में बांटा जा सकता है । 1.नि जी क्षेत्र के संस्थागत निवेशकर्ता - निजी क्षेत्र के संस्थागत निवेशकर्ता के अन्तर्गत निजी क्षेत्र के पारस्परिक कोष आदि को सम्मिलित किया जाता है। For example:- HDFC mutual fund 2.सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थागत निवेशकर्ता - सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थागत निवेशकर्ता के अन्तर्गत भारतीय जीवन बीमा निगम, सामान्य बीमा निगम, भारतीय यूनिट ट्रस्ट, व्यापारिक बैंक, भारतीय औद्योगिक विकास बैंक आदि को सम्मिलित किया जाता है। ...
  स्टॉक दलाल से आप क्या समझते हैं ?इसके पंजीयन से सम्बन्धित नियमों को बताइए तथा इसके कर्तव्यों को बताइए। स्टॉक दलाल का अर्थ Meaning of stock broker स्टॉक दलाल से आशय ऐसे व्यक्ति से है जो कि मान्यता प्राप्त स्कन्ध विनिमय का सदस्य होता है तथा प्रतिभूतियों के सौदों के बदले में दलाली प्राप्त करता है‌। स्टॉक दलाल के पंजीयन की प्रक्रिया Procedure for the registration of stock broker स्टॉक दलाल के पंजीयन की प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में विभक्त किया जा सकता है। 1.आवेदन देना - यह स्टॉक दलाल के पंजीयन की प्रक्रिया का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिसके अंतर्गत सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज को आवेदन दिया जाता है तथा मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज इसे आगे सेबी को अग्रसित करता है। 2.आवेदन पर विचार करना - यह स्टॉक दलाल के पंजीयन की प्रक्रिया का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिसके अंतर्गत शिव द्वारा आवेदन पर विचार किया जाता है। 3.आवेदन को स्वीकार करना- यह स्टॉक दलाल के पंजीयन की प्रक्रिया का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिसके अंतर्गत सेबी द्वारा सभी सूचनाओ...

प्रमाणक एवं प्रमाणन (Voucher and vouching )

  प्रमाणक का अर्थ Meaning of voucher प्रमाणक से आशय पुस्तकों में लिखे गए लेखों के प्रमाण से है । जोकि सौदे की सत्यता के प्रमाण में काम आता है। तथा जिसमें तिथि ,रकम (शब्दों तथा अंकों दोनों में) और  हस्ताक्षर आदि का उल्लेख होता है। For example:- बीजक "प्रमाणक का अंकेक्षण अवधि से संबंधित होना आवश्यक है।" प्रमाणक के प्रकार types of voucher प्रमाणक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं। 1.मूल प्रमाणक - असली लिखित सबूत को मूल प्रमाणक कहते हैं। For example:- बीजक 2.गौण प्रमाणक - असली लिखित सबूत की प्रतिलिपियों को गौण प्रमाणक कहते हैं। For example:- बीजक की प्रतिलिपि प्रमाणकों की जांच करते समय ध्यान देने योग्य बातें प्रमाणकों की जांच करते समय ध्यान देने योग्य प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं। 1.सभी प्रामाणक क्रमांकित होने चाहिए। 2.सभी प्रमाणक फाइल में लगे होने चाहिए। 3.जिस प्रमाणक की जांच कर ली है उसे चिन्हित कर देना चाहिए। 4.यदि किसी प्रमाणक के सम्बन्ध में विशेष छानबीन की आवश्यकता हो तो उस दशा में विशेष चिन्हों का प्रयोग करना चाहिए। 5.खोए हुए प्रमाणकों के लिए एक सूची तैयार...

प्रमाप लागत

  Q. प्रमाप लागत विधि से आप क्या समझते हैं ? इसके लाभ एवं हानियां बताइए प्रमाप लागत विधि को स्थापित करने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए। Q.विभिन्न प्रकार के विचरणों की व्याख्या कीजिए। इन विचरणों की गणना किस प्रकार की जाती है? प्रमाप लागत का अर्थ Meaning of standard cost प्रमाप लागत से आशय एसी लागत से है जिसे प्रमाप लागत विधि द्वारा निर्धारित किया जाता है। प्रमाप लागत तथा अनुमानित लागत में अंतर Difference between standard cost and estimated cost Standard cost की गणना विभिन्न Standard के आधार पर की जाती है। Estimated cost की गणना पिछले डाटा और अनुभवों के आधार पर की जाती है। Standard cost flexible in nature नहीं होती है। Estimated cost  flexible in nature होती है। प्रमाप लागत विधि का अर्थ Meaning of standard costing प्रमाप लागत विधि को अंग्रेजी में standard costing कहते हैं। जिसे प्रमाप परिव्ययन तथा मानक परिव्ययांकन के नाम से भी जाना जाता है। साधारण शब्दों में ," प्रमाप लागत विधि प्रबंध लेखांकन की एक ऐसी विधि है जिसके अंतर्गत प्रमाप लागत की वास्तविक लागत से तुलना करक...

प्रबन्ध हेतु प्रतिवेदन

  Q.प्रबन्ध हेतु प्रतिवेदन  से आप क्या समझते हैं इसके क्या उद्देश्य हैं? यह कितने प्रकार का होता है नियन्त्रण प्रतिवेदन एवं सूचना प्रतिवेदन में क्या अंतर है एक अच्छे प्रतिवेदन की मुख्य विशेषताएं क्या हैं? प्रबन्ध हेतु प्रतिवेदन का अर्थ Meaning of reporting to the management प्रबन्ध हेतु प्रतिवेदन को अंग्रेजी में reporting to the management कहते हैं। जिसका अर्थ है प्रबन्धकों को किसी चीज की जानकारी, सूचना या विवरण देना। क्योंकि सामान्यतः व्यवसाय से सम्बन्धित आंकड़ों को संकलित करने का कार्य लेखपालों द्वारा किया जाता है यह आंकड़ों को संकलित करके उन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करते हैं जो व्यवसाय से सम्बन्धित निर्णय लेते हैं और नीतियों का निर्धारण करते हैं और लेखापालों के इसी कार्य को संवहन के रूप में जाना जाता है और लेखापालों द्वारा संवहन का यह कार्य प्रतिवेदन के द्वारा किया जाता है। प्रबन्ध हेतु प्रतिवेदन के उद्देश्य , कार्य एवं महत्व Objectives ,functions and importance of the reporting to the management 1.प्रबन्ध में सहायक (helpful in management ) -  प्रबन्ध हेतु ...

लागत -मात्रा -लाभ सम्बन्ध सम विच्छेद विश्लेषण Cost volume profit relationship Break even analysis

  सम विच्छेद विश्लेषण का अर्थ सम विच्छेद विश्लेषण को अंग्रेजी में break even analysis कहते हैं। जिसे लागत -मात्रा -लाभ सम्बन्ध के नाम से भी जाना जाता है। सम विच्छेद विश्लेषण से  आशय लागत, बिक्री,लाभ एवं उत्पादन की मात्रा का विश्लेषण करके इसमें पारस्परिक संबंध स्थापित करने से है। सम विच्छेद विश्लेषण की विधियां सम विच्छेद विश्लेषण की प्रमुख विधियां निम्नलिखित हैं। 1.बीजगणितीय विधियाॅं सम विच्छेद विश्लेषण की प्रमुख बीजगणितीय विधियाॅं निम्नलिखित हैं। 1.अंशदान (contribution )- अंशदान को अंग्रेजी में contribution कहते हैं। साधारण शब्दों में ," अंशदान से आशय बिक्री एवं परिवर्तनशील लागत के मध्य अंतर से है। इसके द्वारा सम विच्छेद बिंदु का निर्धारण करने तथा उत्पादन से संबंधित विभिन्न निर्णय लेने में सुविधा रहती है। अंशदान की गणना करने के लिए हम निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करेंगे। Sales -v.c= contribution 2.लाभ- मात्रा अनुपात (profit volume ratio )-  लाभ- मात्रा अनुपात को अंग्रेजी में profit volume ratio कहते हैं। जिसे संक्षेप में p/v ratio के नाम से भी जाना जाता है। लाभ...

रोकड़ प्रवाह विवरण cash flow statement

  रोकड़ प्रवाह विवरण का अर्थ Meaning of cash flow statement रोकड़ प्रवाह से आशय रोकड़ की प्राप्ति एवं भुगतान से है। रोकड़ प्रवाह विवरण वित्तीय विश्लेषण की सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत इस बात का विश्लेषण किया जाता है कि व्यवसाय में रोकड़ की प्राप्ति कहां-कहां से हुई है तथा इस रोकड़ का संस्था में किस प्रकार से प्रयोग किया गया है। रोकड़ प्रवाह विवरण तथा कोष प्रवाह विवरण में अन्तर difference between cash flow statement and fund flow statement 1.अवधारणा - रोकड़ प्रवाह विवरण नकदी की अवधारणा पर आधारित है। कोष प्रवाह विवरण कार्यशील पूंजी की अवधारणा पर आधारित है। 2.कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों की सूची की आवश्यकता - रोकड़ प्रवाह विवरण में कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों की सूची की आवश्यकता नहीं होती है। कोष प्रवाह विवरण में कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों की सूची की आवश्यकता होती है। 3.उपार्जन आधार - कोष प्रवाह विवरण में उपार्जन आधार पर किसी मद को सम्मिलित नहीं किया जाता है । कोष प्रवाह विवरण में उपार्जन आधार पर सभी मदों को सम्मिलित कर लिया जाता है। 4.विभाजन - रोकड़ प्रवा...

अनुपात विश्लेषण Ratio analysis

  Q. अनुपात विश्लेषण से आप क्या समझते हैं इसके लाभ एवं सीमाएं बताइए । यह कितने प्रकार के होते हैं? अनुपात विश्लेषण का अर्थ meaning of ratio analysis अनुपात विश्लेषण को अंग्रेजी में ratio analysis  कहते हैं। जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है। "ratio +analysis " ratio का अर्थ है अनुपात तथा analysis का अर्थ है विश्लेषण दो या दो से अधिक मदों के बीच संख्यात्मक संबंध को अनुपात कहते हैं। जिसे प्रतिशत अथवा गुना में व्यक्त किया जा सकता है। अनुपात विश्लेषण वित्तीय विश्लेषण की एक एसी विधि है जिसके अन्तर्गत वित्तीय विवरण की दो या से अधिक मदों के बीच अनुपात ज्ञात किया जाता है। अनुपात विश्लेषण के उद्देश्य / लाभ / महत्व objectives of ratio analysis अनुपात विश्लेषण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं। 1.तरलता का ज्ञान (knowledge of liquidity) - अनुपात विश्लेषण का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यवसाय की तरलता का ज्ञान प्राप्त करना होता है। कि व्यवसाय में तरलता है या नहीं इसके लिए चालू अनुपात तथा तरल अनुपात आदि का अध्ययन किया जाता है। 2.कार्य कुशलता का ज्ञान(knowledge of operatin...

वित्तीय विवरणों का विश्लेषण एवं निर्वचन Analysis and interpretation of financial analysis

  Q. वित्तीय विश्लेषण से आप क्या समझते हैं? इसके क्या उद्देश्य हैं? यह कितने प्रकार का होता है? इसकी क्रियाविधि का वर्णन कीजिए। Q. वित्तीय विश्लेषण की विभिन्न तकनीकों की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए वित्तीय विश्लेषण का अर्थ Meaning of financial analysis किसी भी व्यापारी का अंतिम खाते तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य व्यापार की लाभ - हानि तथा आर्थिक स्थिति ज्ञात करना होता है। जिसके अंतर्गत वह व्यापार की लाभ - हानि ज्ञात करने के लिए लाभ - हानि खाता तथा आर्थिक स्थिति ज्ञात करने के लिए आर्थिक चिट्ठा बनाता है। साधारण शब्दों में ," किसी भी व्यापारी द्वारा तैयार किए गए अंतिम खाते ही वित्तीय विवरण कहलाते हैं। जिसके अंतर्गत आर्थिक चिट्ठे तथा लाभ - हानि खाते को सम्मिलित किया जाता है। साधारण शब्दों में ," वित्तीय विवरणों के विश्लेषण अर्थात वित्तीय विश्लेषण से आशय वित्तीय विवरण में दी गई सूचनाओं को किसी वैज्ञानिक विधि द्वारा सुविधाजनक अवयवों(elements )में वर्गीकृत करने से है जिससे कि इनका अर्थपूर्ण निष्कर्ष निकाला जा सके। तथा निर्वाचन से आशय विश्लेषित वित्तीय व्यवहारों का निष्कर्ष निकाल...
  Q.वित्तीय विवरण से आप क्या समझते हैं इसके लाभ एवं सीमाएं बताइए। तथा कम्पनी के वित्तीय विवरणों के प्रारूप दीजिए। वित्तीय विवरणों का अर्थ /वार्षिक खाते का अर्थ Meaning of financial statements किसी भी व्यापारी का अंतिम खाते तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य व्यापार की लाभ - हानि तथा आर्थिक स्थिति ज्ञात करना होता है। जिसके अंतर्गत वह व्यापार की लाभ - हानि ज्ञात करने के लिए लाभ - हानि खाता तथा आर्थिक स्थिति ज्ञात करने के लिए आर्थिक चिट्ठा बनाता है। साधारण शब्दों में ," किसी भी व्यापारी द्वारा तैयार किए गए अंतिम खाते ही वित्तीय विवरण कहलाते हैं। जिसके अंतर्गत आर्थिक चिट्ठे तथा लाभ - हानि खाते को सम्मिलित किया जाता है। वित्तीय विवरणों की परिभाषाएं Definition of financial statements विभिन्न विद्वानों द्वारा वित्तीय विवरणों के संबंध में दी गई प्रमुख परिभाषाएं निम्नलिखित हैं। स्मिथ के अनुसार," वित्तीय लेखांकन प्रक्रिया के अंतिम उत्पाद के रूप में वित्तीय विवरण तैयार किए जाते हैं। वित्तीय विवरणों की विशेषताएं Characteristics of financial statements 1.वित्तीय विवरण ऐतिहासिक प्रल...