प्रमाणक एवं प्रमाणन (Voucher and vouching )
प्रमाणक का अर्थ
Meaning of voucher
प्रमाणक से आशय पुस्तकों में लिखे गए लेखों के प्रमाण से है । जोकि सौदे की सत्यता के प्रमाण में काम आता है।
तथा जिसमें तिथि ,रकम (शब्दों तथा अंकों दोनों में) और हस्ताक्षर आदि का उल्लेख होता है।
For example:- बीजक
"प्रमाणक का अंकेक्षण अवधि से संबंधित होना आवश्यक है।"
प्रमाणक के प्रकार
types of voucher
प्रमाणक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं।
1.मूल प्रमाणक - असली लिखित सबूत को मूल प्रमाणक कहते हैं।
For example:- बीजक
2.गौण प्रमाणक - असली लिखित सबूत की प्रतिलिपियों को गौण प्रमाणक कहते हैं।
For example:- बीजक की प्रतिलिपि
प्रमाणकों की जांच करते समय ध्यान देने योग्य बातें
प्रमाणकों की जांच करते समय ध्यान देने योग्य प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं।
1.सभी प्रामाणक क्रमांकित होने चाहिए।
2.सभी प्रमाणक फाइल में लगे होने चाहिए।
3.जिस प्रमाणक की जांच कर ली है उसे चिन्हित कर देना चाहिए।
4.यदि किसी प्रमाणक के सम्बन्ध में विशेष छानबीन की आवश्यकता हो तो उस दशा में विशेष चिन्हों का प्रयोग करना चाहिए।
5.खोए हुए प्रमाणकों के लिए एक सूची तैयार करनी चाहिए और एक उत्तरदाई कर्मचारी से उनके खो जाने के कारणों का पता करना चाहिए।
6.प्रमांकों की जांच करते समय अंकेक्षक को संस्था के किसी भी कर्मचारी की सहायता नहीं लेनी चाहिए उसको यह कार्य स्वतंत्रता पूर्वक करना चाहिए ।
प्रमाणन का अर्थ
Meaning of vouching
प्रमाणन से आशय खातों में की गई प्रवष्टियों की जांच से है जिसके अंतर्गत प्रारंभिक लेखे की पुस्तकों की जांच की जाती है।
प्रमाणन का महत्व
Importance of vouching
प्रमाणन अंकेक्षण की रीढ की हड्डी है। क्योंकि जिस प्रकार मानव शरीर में रीड की हड्डी महत्वपूर्ण है उसी प्रकार से अंकेक्षण में प्रमाण महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि रीढ की हड्डी कमजोर हो जाए तो मनुष्य ठीक प्रकार न तो चल सकता है और ना खड़ा हो सकता है।
उसी प्रकार से प्रमाणन के कमजोर होने से अंकेक्षक अपने लक्ष्य को प्राप्त ही नहीं कर सकता है
1.अशुद्धियों का पता लगाने में सहायक - प्रमाणन अशुद्धियों का पता लगाने में सहायक होता है।
2.कपट का पता लगाने में सहायक - प्रमाणन कपट का पता लगाने में सहायक होता है।
3.अनियमितताओं का पता लगाने में सहायक - प्रमाणन अनियमितताओं का पता लगाने में सहायक होता है।
प्रमाणन के सम्बन्ध में अंकेक्षक के कर्तव्य
Duties of auditor regarding vouching
प्रमाणन के सम्बन्ध में अंकेक्षक के प्रमुख कर्तव्य निम्नलिखित हैं।
अंकेक्षक को यह देखना चाहिए कि प्रत्येक लेनदेन शुद्ध है अथवा नहीं
अंकेक्षक को यह देखना चाहिए कि प्रत्येक लेनदेन व्यापार से संबंधित है अथवा नहीं
अंकेक्षक को यह देखना चाहिए कि प्रत्येक लेनदेन का लेखा पुस्तकों में ठीक प्रकार से किया गया है अथवा नहीं
रोकड़ बही का प्रमाणन
vouching of cash book
रोकड़ बही से आशय ऐसी बही से है जिसमें नकद लेन दोनों का लेखा किया जाता है।
यह व्यवसाय की पहली तथा सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक है अर्थात अंकेक्षक को इसकी जांच करते समय बड़ी ही सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि अधिकतर कपट इसी से संबंधित होते हैं।
रोकड़ बही के अंकेक्षण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं।
1.यह देखना कि सम्पूर्ण प्राप्तियां ठीक प्रकार से लिखी गई हैं अथवा नहीं
2.यह देखना कि कोई अनुचित भुगतान किया गया है अथवा नहीं।
3.बैंक में रोकड़ तथा हाथ में रोकड़ ठीक है अथवा नहीं।
रोकड़ बही के भुगतान पक्ष का प्रमाणन करते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
1.भुगतान व्यापार से संबंधित है अथवा नहीं
2.भुगतान उस अवधि से संबंधित है अथवा नहीं जिसका अंकेक्षण किया जा रहा है
3.भुगतान ठीक व्यक्ति को किया गया है अथवा नहीं
4.भुगतान किसी उत्तरदाई अधिकारी से अधिकृत होने के पश्चात किया गया है अथवा नहीं
5.भुगतान का लेखा पुस्तकों में ठीक प्रकार से किया गया है अथवा नहीं
6.भुगतान के लिए उचित प्रमाणक संस्था के पास मौजूद है अथवा नहीं
7.भुगतान के लिए उचित प्रमाणकों में लिखा हुआ विवरण पुस्तकों से मिलता है अथवा नहीं
क्रय बही का प्रमाणन
vouching of purchase book
क्रय बही का प्रमाणन करते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय बीजक का मिलान क्रय बही से कर लेना चाहिए
क्रय बही का प्रमाणन करते समय यह देख लेना चाहिए कि एक बीजक को दो बार तो नहीं लिखा गया है
क्रय बही का प्रमाणन करते समय बर्ष के अन्तिम कुछ सप्ताहों क्रय की विशेष जांच की जानी चाहिए।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय यह देख लेना चाहिए कि पूंजीगत क्रय को क्रय बही में तो नहीं लिख दिया गया है।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय क्रय बही के योग की जांच कर लेनी चाहिए।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय क्रय के सम्बन्ध में प्रमाणक मौजूद न हो उनकी दूसरी प्रतिलिपि मंगाने का आदेश देना चाहिए
विक्रय बही का प्रमाणन
vouching of sales book
विक्रय बही का प्रमाणन करते समय बीजक का मिलान विक्रय बही से कर लेना चाहिए
क्रय बही का प्रमाणन करते समय यह देख लेना चाहिए कि एक बीजक को दो बार तो नहीं लिखा गया है
क्रय बही का प्रमाणन करते समय बर्ष के अन्तिम कुछ सप्ताहों क्रय की विशेष जांच की जानी चाहिए।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय यह देख लेना चाहिए कि पूंजीगत क्रय को क्रय बही में तो नहीं लिख दिया गया है।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय क्रय बही के योग की जांच कर लेनी चाहिए।
क्रय बही का प्रमाणन करते समय क्रय के सम्बन्ध में प्रमाणक मौजूद न हो उनकी दूसरी प्रतिलिपि मंगाने का आदेश देना चाहिए
यान्त्रिक लेखांकन
Mechanised accounting
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