अभद्र प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986
Q.अभद्र प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986 के उद्देश्यों एवं प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिये। प्रस्तावना (Introduction) भारत में महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए और विज्ञापनों, प्रकाशनों, लेखों या चित्रों के माध्यम से महिलाओं के अश्लील चित्रण को रोकने के लिए अभद्र प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986 बनाया गया। यह अधिनियम 2 अक्टूबर 1987 से पूरे भारत में लागू हुआ। इस कानून से पहले विभिन्न कानूनों में प्रावधान तो थे, लेकिन महिलाओं के "अभद्र प्रदर्शन" को विशेष रूप से परिभाषित नहीं किया गया था। इस अधिनियम के आने के बाद अब किसी भी माध्यम से महिलाओं का ऐसा चित्रण करना अपराध है जो उनके सम्मान को ठेस पहुँचाए। परिभाषाएं अभद्र प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986 में दो गई प्रमुख परिभाषाएं निम्नलिखित हैं। 1. अभद्र प्रदर्शन (Indecent Representation):-अभद्र प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986 के अनुसार अभद्र प्रदर्शन से आशय किसी महिला के रूप, उसके शरीर या उसके किसी अंग को इस प्रकार चित्रित करने से है जिससे उसका प्रभाव अश्लील हो या जो लोक नैतिकता (Public Morality) को बिगाड़ने वाला हो। For Example:-विज्ञ...