रामकृष्ण मिशन/रामकृष्ण परमहंस/स्वामी विवेकानंद

Q.रामकृष्ण मिशन' पर विस्तृत आलेख दीजिए।


भूमिका (Introduction)

रामकृष्ण मिशन एक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है, जिसकी स्थापना स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1897 में की थी। यह मिशन रामकृष्ण परमहंस के उपदेशों एवं आदर्शों पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानव सेवा करना है।


रामकृष्ण परमहंस का परिचय

रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल के हुगली जिले में हुआ था। इनके पिता का नाम खुदीराम चट्टोपाध्याय तथा माता का नाम चंद्रमणि देवी था। इनका वास्तविक नाम गदाधर चट्टोपाध्याय था।

इन्होंने औपचारिक शिक्षा कम प्राप्त की, परंतु आध्यात्मिक साधना के माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया। इन्होंने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पुजारी के रूप में कार्य किया तथा सभी धर्मों की एकता का संदेश दिया।


स्वामी विवेकानंद का परिचय

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। इनके पिता विश्वनाथ दत्त तथा माता भुवनेश्वरी देवी थीं। इनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था।

इन्होंने स्कॉटिश चर्च कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। वे रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे और उन्होंने 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व किया।


रामकृष्ण मिशन की स्थापना

रामकृष्ण मिशन की स्थापना 1897 में कोलकाता के बेलूर मठ में की गई। इसका मुख्य उद्देश्य समाज सेवा के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति करना था।



 रामकृष्ण मिशन के सिद्धांत

इस मिशन के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं—

ईश्वर अमर है।

व्यक्ति को चरित्रवान होना चाहिए।

वेदांत और उपनिषद सच्चे ग्रंथ हैं।

आत्मा ईश्वर का ही रूप है।

सभी धर्म समान हैं।

अपने धर्म में आस्था और विश्वास रखना चाहिए।

मानव सेवा ही सच्ची सेवा है।

सादा जीवन अपनाना चाहिए।


रामकृष्ण मिशन के कार्य

रामकृष्ण मिशन ने समाज में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं—

1. राम कृष्ण मिशन का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि इसने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक विद्यालय एवं महाविद्यालय स्थापित किए हैं।

2. राम कृष्ण मिशन का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि इसने लोगों को अनेक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की थीं।

3.राम कृष्ण मिशन का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि इसने आपदा एवं संकट के समय अनेक राहत कार्य किए।

4.राम कृष्ण मिशन का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि  इसने भारतीय संस्कृति का देश-विदेश में प्रचार किया।

5.राम कृष्ण मिशन का पांचवां तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि  इसने समाज में नैतिकता का प्रचार - प्रसार किया


निष्कर्ष (Conclusion)

इस प्रकार रामकृष्ण मिशन ने भारतीय समाज में आध्यात्मिकता, नैतिकता और मानव सेवा की भावना को सुदृढ़ किया है। यह संस्था आज भी देश-विदेश में समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरण का कार्य कर रही है।

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