सांप्रदायिकता और आतंकवाद
Q.सांप्रदायिकता और आतंकवाद जैसे सामाजिक समस्य का आधुनिक संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए।
सांप्रदायिकता का अर्थ
सांप्रदायिकता से आशय ऐसी स्थिति से है, जब लोग धर्म या सम्प्रदाय के आधार पर आपस में भेदभाव, घृणा तथा शत्रुता की भावना रखने लगते हैं।
For example:-धर्म के नाम पर दंगे होना
एक समुदाय का दूसरे समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना
राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग
आतंकवाद का अर्थ
आतंकवाद को अंग्रेजी में 'Terrorism' कहते हैं। जिसका अर्थ है राजनीतिक कारणों से आम जनता की हत्या करना और ऐसा व्यक्ति जो कि आतंक फैलाता है 'आतंकवादी' अर्थात् 'Terrorist' कहलाता है।
For exa:- उरी, नगरोटा, पुलवामा के आतंकवादी हमलों ने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया था।
वैश्विक आतंकवाद के रूप
वैश्विक आतंकवाद के प्रमुख रूप निम्नलिखित हैं।
1. मानव बम:- मानव बम वैश्विक आतंकवाद का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण रूप है।
साधारण शब्दों में मानव बम से आशय ऐसे मानव बम से है। जो कि लगभग अपनी कमर से लगभग 8 आठ दस किलो RDX बांधकर घूमता है। और केवल एक छोटा सा बटन दबाकर विस्फोट कर देते हैं।
वैश्विक स्तर पर काफी सारे ऐसे संगठन हैं। जो कि इस प्रकार से आतंकवाद फैला रहे हैं।
For exp:- लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अलकायदा
2.आतंकवादी संगठन:- आतंकवादी संगठन वैश्विक आतंकवाद का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण रूप है। आतंकवादी संगठन से आशय ऐसे संगठन से है। जो कि समय-समय पर आतंकवाद फैलाते रहते हैं।
For exa:- लश्कर-ए-तैयबा।
3.राज्य प्रायोजित आतंकवाद (State Sponsored Terrorism):-राज्य प्रायोजित आतंकवाद वैश्विक आतंकवाद का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण रूप है। राज्य प्रायोजित आतंकवाद से आशय ऐसे आतंकवाद से है। जो कि राज्य द्वारा प्रायोजित किया जाता है।
For exp:- ईरान, ईराक, उत्तर कोरिया, दक्षिण यमन तथा सीरिया को राज्य प्रायोजित आतंकवाद का समर्थक माना गया है।
4.पंथ प्रेरित आतंकवाद :-पंथ प्रेरित आतंकवाद वैश्विक आतंकवाद का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण रूप है।
पंथ प्रेरित आतंकवाद से आशय ऐसे आतंकवाद से है। जो कि किसी पंथ विशेष से प्रेरित होता है।
वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2016 के अनुसार 2015 में इस्लामी आतंकवाद से 74% मौतों के लिए ISIS तथा बोको हराम जैसे कुछ चरम पंथी संगठन उत्तरदायी थे।
आतंकवादी कार्यप्रणाली—
आतंकवादी अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये सामान्यतया निम्नलिखित प्रणालियों और तकनीकों को अपनाता है—
1.विमानों का अपहरण,
2.राजनयिकों व प्रमुख हस्तियों का अपहरण,
3.सार्वजनिक नेताओं की हत्या
4.तोड़-फोड़ करना और बम, आदि रखना
5.कभी-कभी जब आतंकवादी ऐसा सोचते हैं कि दो समुदायों के बीच घृणा का वातावरण खड़ा कर वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकेंगे
भारत में आतंकवादी गतिविधियां
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-
जम्मू-कश्मीर राज्य में भी 1987 से ही आतंकवाद की स्थिति बनी हुयी है। इस क्षेत्र में प्रमुख रूप से तीन संगठन आतंकवाद में लगे हुए हैं- जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रण्ट (JKLF), कश्मीर लिबरेशन आर्मी (KLA) हिजबुल मुजाहिद्दीन और जमाते तुबला। कुछ कश्मीर को अलग देश बनाना चाहते हैं, कुछ इसे Pakistan के साथ मिलाना चाहते हैं।
ये आतंकवादी भी पाकिस्तान से भरपूर सहयाता और प्रोत्साहन प्राप्त कर रहे हैं।
1989 में भारत सरकार के गृहमन्त्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पुत्री के अपहरण के बाद तो इन्होंने उच्च पद के व्यक्तियों के अपहरण और हत्या का मार्ग बहुत तीव्रता के साथ अपना लिया है।
आजकल विदेशी पर्यटकों का अपहरण कर आतंकवादी गुट सरकार से सौदेबाजी भी करने लगे हैं।
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