लागत -मात्रा -लाभ सम्बन्ध सम विच्छेद विश्लेषण Cost volume profit relationship Break even analysis
सम विच्छेद विश्लेषण का अर्थ
सम विच्छेद विश्लेषण को अंग्रेजी में break even analysis कहते हैं। जिसे लागत -मात्रा -लाभ सम्बन्ध के नाम से भी जाना जाता है।
सम विच्छेद विश्लेषण से आशय लागत, बिक्री,लाभ एवं उत्पादन की मात्रा का विश्लेषण करके इसमें पारस्परिक संबंध स्थापित करने से है।
सम विच्छेद विश्लेषण की विधियां
सम विच्छेद विश्लेषण की प्रमुख विधियां निम्नलिखित हैं।
1.बीजगणितीय विधियाॅं
सम विच्छेद विश्लेषण की प्रमुख बीजगणितीय विधियाॅं निम्नलिखित हैं।
1.अंशदान (contribution )- अंशदान को अंग्रेजी में contribution कहते हैं।
साधारण शब्दों में ," अंशदान से आशय बिक्री एवं परिवर्तनशील लागत के मध्य अंतर से है।
इसके द्वारा सम विच्छेद बिंदु का निर्धारण करने तथा उत्पादन से संबंधित विभिन्न निर्णय लेने में सुविधा रहती है।
अंशदान की गणना करने के लिए हम निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करेंगे।
Sales -v.c= contribution
2.लाभ- मात्रा अनुपात (profit volume ratio )- लाभ- मात्रा अनुपात को अंग्रेजी में profit volume ratio कहते हैं। जिसे संक्षेप में p/v ratio के नाम से भी जाना जाता है।
लाभ- मात्रा अनुपात से आशय ऐसे अनुपात से है जो कि अंशदान का विक्रय मूल्य के साथ होता है।
इसके द्वारा सम विच्छेद बिंदु का निर्धारण करने एवं अर्जित लाभ की राशि का निर्धारण करने में सुविधा रहती है।
लाभ मात्रा अनुपात की गणना करने के लिए हम निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करेंगे।
P/v ratio = c/s*100
यदि स्थायी लागत में किसी प्रकार की कोई वृद्धि होती है तो उस दशा में यह लाभ मात्रा अनुपात को प्रभावित नहीं करेगी।
3.सम- विच्छेद बिन्दु (Break even point )- सम- विच्छेद बिन्दु को अंग्रेजी में Break even point कहते हैं। जिसे संक्षेप में BEP के नाम से भी जाना जाता है।
सम विच्छेद बिन्दु से आशय ऐसे बिंदु से है जहां कुल आगम कुल लागत के बराबर होता है अर्थात सम-विच्छेद बिंदु से आशय ऐसे बिंदु से है जिस पर कंपनी को ना तो कोई लाभ होता है ना कोई हानि।
इसके द्वारा प्रबंधन कोई है यह पता चल जाता है कि वह उत्पादन को कितना कम करें ताकि उसे कोई हानि ना हो।
सम विच्छेद बिंदु की गणना करने के लिए हम निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करेंगे।
सम विच्छेद बिंदु से अधिक बिक्री लाभ दर्शाती है तथा सम विच्छेद बिंदु से कम बिक्री हानि दर्शाती है।
यदि स्थिर लागत अथवा परिवर्तनशील लागत में किसी प्रकार की कोईकमी होती है तो उसे दिशा में सम विच्छेद बिंदु काम हो जाएगा और यदि किसी चिल्ला का तत्व परिवर्तनशील लागत में किसी प्रकार की कोई प्रति होती है तो उसे दिशा में सम विच्छेद बिंदु बढ़ जाएगा
4.सुरक्षा सीमा (margin of safety)-
सुरक्षा सीमा को अंग्रेजी में margin of safety कहते हैं।
सुरक्षा सीमा की गणना करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करेंगे।
यदि हम अपने price घटाते हैं तो इससे p/v ratio और mos कम हो जाएगा और bep बढ़ जाएगा।
2.लेखाचित्रीय विधियाॅं
1.सम विच्छेद चार्ट (break even chart) -
2.लागत मात्र लाभ ग्राफ (cost volume profit graph)-
सम विच्छेद विश्लेषण की सीमाएं
सम विच्छेद विश्लेषण की प्रमुख सीमाएं निम्नलिखित हैं।
1.स्थिर एवं परिवर्तनशील व्यय के विभाजन में कठिनाई- सम विच्छेद विश्लेषण में स्थिर एवं परिवर्तनशील व्यय के विभाजन में कठिनाई होती है।
2.विक्रय मूल्य- सम विच्छेद विशेषण में विक्रय मूल्य सदैव सामान देता है जबकि वास्तविकता में जैसे-जैसे उत्पादन की मात्रा में वृद्धि होती है वैसे-वैसे विक्रय मूल्य कम होने लगता है।
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