रोकड़ प्रवाह विवरण cash flow statement
रोकड़ प्रवाह विवरण का अर्थ
Meaning of cash flow statement
रोकड़ प्रवाह से आशय रोकड़ की प्राप्ति एवं भुगतान से है।
रोकड़ प्रवाह विवरण वित्तीय विश्लेषण की सबसे महत्वपूर्ण विधि है जिसके अन्तर्गत इस बात का विश्लेषण किया जाता है कि व्यवसाय में रोकड़ की प्राप्ति कहां-कहां से हुई है तथा इस रोकड़ का संस्था में किस प्रकार से प्रयोग किया गया है।
रोकड़ प्रवाह विवरण तथा कोष प्रवाह विवरण में अन्तर
difference between cash flow statement and fund flow statement
1.अवधारणा - रोकड़ प्रवाह विवरण नकदी की अवधारणा पर आधारित है।
कोष प्रवाह विवरण कार्यशील पूंजी की अवधारणा पर आधारित है।
2.कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों की सूची की आवश्यकता- रोकड़ प्रवाह विवरण में कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों की सूची की आवश्यकता नहीं होती है। कोष प्रवाह विवरण में कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों की सूची की आवश्यकता होती है।
3.उपार्जन आधार- कोष प्रवाह विवरण में उपार्जन आधार पर किसी मद को सम्मिलित नहीं किया जाता है ।
कोष प्रवाह विवरण में उपार्जन आधार पर सभी मदों को सम्मिलित कर लिया जाता है।
4.विभाजन - रोकड़ प्रवाह विवरण के अन्तर्गत समस्त संपत्तियां एवं दायित्वों को चालू तथा गैर चालू संपत्ति एवं दायित्वों में विभाजित नहीं किया जाता है।
कोष प्रवाह विवरण के अन्तर्गत समस्त संपत्तियां एवं दायित्वों को चालू तथा गैर चालू संपत्ति एवं दायित्वों में विभाजित किया जाता है।
5.नियोजन- रोकड़ प्रवाह विवरण अल्पकालीन नियोजन के लिए अधिक उपयोगी है।
कोष प्रवाह विवरण दीर्घकालीन नियोजन के लिए अधिक उपयोगी है।
रोकड़ प्रवाह विवरण तथा रोकड़ बजट में अन्तर
difference between cash flow statement and cash budget
1.रोकड़ प्रवाह विवरण वास्तविक आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाता है ।
रोकड़ बजट अनुमानित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाता है ।
2.रोकड़ प्रवाह विवरण अंशधारियों ,ऋणपत्रधारियों, विनियोजकों , सरकारों तथा बैंकों आदि के लिए उपयोगी होता है ।
रोकड़ बजट केवल प्रबंध वर्ग के लिए ही उपयोगी होता है
रोकड़ प्रवाह विवरण का महत्व
Importance of cash flow statement
1.रोकड़ के प्रवाह का ज्ञान- रोकड़ प्रवाह विवरण बनाने का मुख्य उद्देश्य रोकड़ के प्रवाह का ज्ञान प्राप्त करना होता है।
2.योजना में सहायक - रोकड़ प्रवाह विवरण भविष्य से संबंधित महत्तवपूर्ण योजनाओं में सहायता प्रदान करता है।
3.रोकड़ बजट के निर्माण में सहायक - रोकड़ प्रवाह विवरण रोकड़ बजट बनाने में सहायक होता है। जिसके द्वारा cash planning भी की जा सकती है।
4.कुशल वित्तिय प्रवन्ध मे सहायक - रोकड़ प्रवाह विवरण कम्पनी के कुशल वित्तिय प्रवन्ध में सहायक होता है।
5.अल्पकालीन वित्तीय विश्लेषण में उपयोगी- रोकड़ प्रवाह विवरण अल्पकालिक वित्तीय विश्लेषण में उपयोगी होता है।
संशोधित लेखांकन प्रमाप- 3
Revised accounting standard -3
संशोधित लेखांकन प्रमाप -3 के अनुसार रोकड़ प्रवाह विवरण प्रत्येक कम्पनी को तैयार करना अनिवार्य है।
संशोधित लेखांकन प्रमाप-3 के अनुसार रोकड़ प्रवाह को निम्नलिखित तीन श्रेणियां में वर्गीकृत किया जा सकता है ।
1.परिचालन क्रियाओं से रोकड प्रवाह ( cash flow from operating activities )-
2.विनियोजन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह (cash flow from investing activities )-
3.वित्तीय क्रियाओं से रोकड प्रवाह (cash flow from financing activities)-
1.परिचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह ( cash flow from operating activities )- परिचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह के अन्तर्गत निम्नलिखित क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है।
परिचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना निम्नलिखित प्रकार से की जाती है।
Difference between cash from operations and fund form operations
2.विनियोजन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह (cash flow from investing activities )- विनियोजन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह के अन्तर्गत निम्नलिखित क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है।
विनियोजन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना निम्नलिखित प्रकार से की जाती है
3.वित्तीय क्रियाओं से रोकड प्रवाह (cash flow from financing activities)- वित्तीय क्रियाओं से रोकड प्रवाह के अन्तर्गत निम्नलिखित क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है।
वित्तीय क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना निम्नलिखित प्रकार से की जाती है
रोकड़ प्रवाह विवरण की तैयारी
Preparation of cash flow statement
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