Q.राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की संरचना, कार्य व शक्तियों की विवेचना कीजिए। भारत में मानव अधिकार संरक्षण में आयोग ने क्या भूमिका अदा की है? प्रस्तावना Introduction मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम का पूरा नाम मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 है। जो कि 28th September 1993 से सम्पूर्ण भारत में लागू होता है। इस अधिनियम का प्रमुख उद्देश्य मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग तथा मानव अधिकार न्यायालयों की स्थापना करना है। परिभाषाएं Definitions मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 में दी गई प्रमुख परिभाषाएं निम्नलिखित हैं। 1.मानव अधिकार(Human rights)- मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अनुसार " मानव अधिकार से आशय ऐसे अधिकार से है जो अंतर्राष्ट्रीय प्रसंविदाओं में सम्मिलित हैं, संविधान में सम्मिलित हैं, और न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय (enforceable) हैं ।". राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग National human rights commission राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को अंग्रेजी में National human rights commission कहते हैं। जिसे संक्षेप में NHRC के नाम से भी जाना ज...
Q.मौर्य साम्राज्य की सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए। Answer:-चन्द्रगुप्त ने नन्दवंश के अन्तिम शासक को हराकर मौर्य वंश की स्थापना की थी। उसके पश्चात् सेल्यूलस ने भारत पर आक्रमण किया । जिसे फिर से चन्द्रगुप्त ने हरा दिया । चन्द्रगुप्त के बाद, उनका बेटा बिन्दुसार गद्दी पर बैठा। बिन्दुसार के बाद उसका बेटा अशोक सम्राट बना। चन्द्रगुप्त मौर्य ने जो साम्राज्य स्थापित किया था उसमें से कलिंग स्वतंत्र हो गया था अतः अब अशोक के समाने सबसे बड़ी चुनौती कलिंग को जीतना था। जिसके लिए उसने कलिंग का युद्ध लड़ा। जिसमें वह बहुत बुरी तरह से हारा । उसके बाद उसने यह तय किया कि वह भविष्य में कोई युद्ध नहीं लड़ेगा। क्योंकि इस युद्ध में उसके लाखों लोग मारे गए थे और लाखों लोगों को बंदी बनाया गया था। इसके पश्चात अशोक ने अपने राज्य में जगह-जगह पर लम्बे लम्बे खम्भे गड़वाए। और इन खम्भों पर वहाँ के अधिकारियों व लोगों के लिए अपने संदेश भी खुदवाए ताकि लोग उसकी बातों पर ध्यान दे सकें। खम्बों पर खुदे उसके संदेशों से हम अशोक के समय की कई बातें जान सकते हैं। उसने लिखवाया कि 'हर किस्म के लोगों ...
बाल अपराध का अर्थ बाल अपराध एक बालक द्वारा किया गया अवैधानिक कृत्य तथा लोक दोष है जिससे समाज को आघात पहुँचता है और विधि द्वारा दंडनीय होता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि बालक अधिनियम 1960 के अंतर्गत 16 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की को बालक माना गया है। बाल अपराध के कारण बाल अपराध के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं: 1. पारिवारिक कारण :- बच्चे पर परिवार का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है क्योंकि जिन बच्चों के परिवार विघटित, अर्ध-विघटित, अनैतिक वातावरण के साथ-साथ मनोरंजन की कमी वाले होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों में अग्रसर हो जाते हैं। A.विघटित घर:-जिन बच्चों के परिवार विघटित होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। B.अर्धविघटित घर:- जिन बच्चों के परिवार अर्धविघटित होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। C.अनैतिक वातावरण:- जिन बच्चों के परिवार अनैतिक वातावरण वाले होते हैं, उन परिवारों के बच्चे अक्सर अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। D. माता-पिता द्वारा उपेक्षा किया जाना:- जिन बच्चों के माता-पिता बच्चो...
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