भारतीय कारागार व्यवस्था

 Q.'भारतीय कारागार व्यवस्था' के दोषों को बताइए तथा उसमें सुधार के लिए कुछ उपायों का सुझाव दीजिए।

Answer:- कारागार का अर्थ

कारागार (Jail/Prison) से आशय ऐसे स्थान से है जहाँ अपराधियों को न्यायालय द्वारा दण्डित किए जाने के बाद रखा जाता है।

कारागार  का प्रमुख उद्देश्य अपराधियों को दण्ड देना, सुधार करना तथा समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

भारतीय कारागार व्यवस्था के दोष

भारतीय कारागार व्यवस्था के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं।

1. अधिक भीड़ (Overcrowding):-भारतीय कारागार व्यवस्था का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां अधिक भीड़ रहती है  जिसके कारण रहने,खाने  एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

2. अधिक विचाराधीन कैदियों की  संख्या:-भारतीय कारागार व्यवस्था का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां विचाराधीन कैदियों की  संख्या अधिक हैं।

क्योंकि क्योंकि कई कैदी हमारे देश में ऐसे होते हैं जिनका मामला अदालत में वर्षों तक लम्बित पड़ा रहता है और वो कारागार में बंद रहते हैं।

3. सुधारात्मक सुविधाओं की कमी:-भारतीय कारागार व्यवस्था का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां सुधारात्मक सुविधाओं की कमी है। अर्थात् जेलों में शिक्षा तथा प्रशिक्षण आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

जिसके कारण काफी लोगों को सुधार का मौका ही नहीं मिलता है।

4.चिकित्सा सुविधाएँ एवं स्वच्छता की कमी:-भारतीय कारागार व्यवस्था का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां चिकित्सा सुविधाएँ एवं स्वच्छता की कमी है। जिसके कारण संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बनी रहती है। तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव।

5. भ्रष्टाचार एवं अमानवीय व्यवहार:-भारतीय कारागार व्यवस्था का पांचवां तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि कुछ कारगारों में भ्रष्टाचार एवं अमानवीय व्यवहार जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। जिसके कारण मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। और लोगों का जेल प्रशासन से विश्वास उठने लगता है।

6. प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी:-भारतीय कारागार व्यवस्था का छठा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि भारतीय कारागारों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी है। जिसके कारण वे कैदियों के साथ उचित व्यवहार नहीं करते हैं।

भारतीय कारागार व्यवस्था के दोषों‌ को दूर करने के सुझाव

भारतीय कारागार व्यवस्था के दोषों‌ को दूर करने के प्रमुख सुझाव निम्नलिखित हैं।

1. अधिक भीड़ (Overcrowding):-भारतीय कारागार व्यवस्था का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां अधिक भीड़ रहती है  जिसके कारण रहने,खाने  एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

अर्थात् भीड कम करने के लिए नई जेलों की स्थापना की जानी चाहिए।तथा किसी भी कारागार में केवल उतना ही कैदियों को रखना चाहिए। जितनी उस कारागार की क्षमता है।

2. अधिक विचाराधीन कैदियों की  संख्या:-भारतीय कारागार व्यवस्था का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां विचाराधीन कैदियों की  संख्या अधिक हैं।

क्योंकि क्योंकि कई कैदी हमारे देश में ऐसे होते हैं जिनका मामला अदालत में वर्षों तक लम्बित पड़ा रहता है और वो कारागार में बंद रहते हैं।

अर्थात् विचाराधीन कैदियों की संख्या कम करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जानी चाहिए तथा शीघ्र सुनवाई की व्यवस्था होनी चाहिए।

3. सुधारात्मक सुविधाओं की कमी:-भारतीय कारागार व्यवस्था का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां सुधारात्मक सुविधाओं की कमी है। अर्थात् जेलों में शिक्षा तथा प्रशिक्षण आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

जिसके कारण काफी लोगों को सुधार का मौका ही नहीं मिलता है।

अर्थात् कैदियों को शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए।

4.चिकित्सा सुविधाएँ एवं स्वच्छता की कमी:-भारतीय कारागार व्यवस्था का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि यहां चिकित्सा सुविधाएँ एवं स्वच्छता की कमी है। जिसके कारण संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बनी रहती है। तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

अर्थात्स्व कारागारों में चिकित्सा सुविधाएँ एवं स्वच्छता को बढ़ाया जाना चाहिए।

5. भ्रष्टाचार एवं अमानवीय व्यवहार:-भारतीय कारागार व्यवस्था का पांचवां तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि कुछ कारगारों में भ्रष्टाचार एवं अमानवीय व्यवहार जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। जिसके कारण मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। और लोगों का जेल प्रशासन से विश्वास उठने लगता है।

अर्थात् कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित किया जाना चाहिए।

6. प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी:-भारतीय कारागार व्यवस्था का छठा तथा सबसे महत्वपूर्ण दोष यह है कि भारतीय कारागारों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी है। जिसके कारण वे कैदियों के साथ उचित व्यवहार नहीं करते हैं।

अर्थात्क कारागार में कर्मचारियों को आधुनिक पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

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