प्रसार भारती निगम
Q.प्रसार भारती कॉरपोरेशन की संरचना का वर्णन कीजिये। इसके चेयरमैन और सदस्यों को कब हटाया व निलंबित किया जा सकता है ?
Answer:-प्रसार भारती निगम
प्रसार भारती निगम को अंग्रेजी में prasar bharti corporation कहते हैं। जिसे प्रसार भारती कॉरपोरेशन के नाम से भी जाना जाता है। जिसका प्रमुख उद्देश्य जनता को शिक्षित, सूचित और मनोरंजन (Educate, Inform & Entertain) करना है।
प्रसार भारती निगम का गठन
प्रसार भारती निगम का गठन कुल 14 व्यक्तियों से मिलकर होता है।
जिसमें 1 अध्यक्ष
1 कार्यकारी सदस्य
1 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रतिनिधि
6 अंशकालिक सदस्य
2 लोकसभा के प्रतिनिधि
1 राज्यसभा का प्रतिनिधि
तथा 2 कर्मचारी आकाशवाणी व दूरदर्शन के प्रतिनिधि होते हैं।
योग्यता
प्रसार भारती निगम का अध्यक्ष तथा सदस्य नियुक्त होने के लिए व्यक्ति को भारत का नागरिक होना अत्यन्त आवश्यक है।
तथा उसे संबंधित क्षेत्र में अनुभव भी होना चाहिए।
नियुक्ति
प्रसार भारती निगम के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है।
लेकिन संसद के सदस्य सदन द्वारा नामित होते हैं।
वेतन
प्रसार भारती निगम के अध्यक्ष तथा सदस्यों का वेतन भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है।
कार्यकाल
प्रसार भारती निगम के अध्यक्ष तथा सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष होता है।
निलंबन
प्रसार भारती निगम के अध्यक्ष तथा सदस्यों को निम्नलिखित आधार पर उनके पद से हटाया जा सकता है।
1.मानसिक या शारीरिक रूप से अयोग्य हो जाए
2.दिवालिया घोषित हो जाए
3.चरित्रहीन हो जाए
4.सरकारी आदेशों का गंभीर उल्लंघन करे
5.पद का दुरुपयोग करे
प्रसार भारती निगम के कार्य
प्रसार भारती निगम के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं।
1.आकाशवाणी (All India Radio) का संचालन:-प्रसार भारती निगम का पहला तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य आकाशवाणी (All India Radio) का संचालन करना है। अर्थात् हमारे देश में आकाशवाणी (All India Radio) का संचालन प्रसार भारती निगम द्वारा किया जाता है। जिसकी स्थापना प्रसार भारती अधिनियम 1990 के अन्तर्गत की गई है।
2.दूरदर्शन (Doordarshan) का संचालन:-प्रसार भारती निगम का दूसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य दूरदर्शन (Doordarshan) का संचालन करना है।
3.समाचार, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण:-प्रसार भारती निगम का तीसरा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य समाचार, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण करना है।
4.राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना:-प्रसार भारती निगम का चौथा तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य समाचार, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण करना है।
5.सरकारी नीतियों और योजनाओं का प्रचार:-प्रसार भारती निगम का पांचवां तथा सबसे महत्वपूर्ण कार्य सरकारी नीतियों और योजनाओं का प्रचार करना है।
प्रसारण परिषद्
प्रसारण परिषद् की स्थापना सलाहकार निकाय (Advisory Body) के रूप में की गई है। जिसका प्रमुख उद्देश्य प्रसार भारती निगम को विभिन्न मामलों में सलाह प्रदान करना है।
लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रसार भारती निगम इस सलाह को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
गठन
प्रसार भारती परिषद् का गठन एक अध्यक्ष तथा कुछ अन्य सदस्यों से मिलकर होता है।
लेकिन इसके सदस्यों की संख्या निश्चित नहीं है।
नियुक्ति
प्रसार भारती निगम के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है।
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